आम आदमी पार्टी, दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जनकपुरी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कमल ध्यानी के परिजनों से आज उनके घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के लिए हर कदम पर खड़े रहेंगे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से भी बातचीत की, जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस, दोनों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने तीन सवाल पूछे और कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक खामोश नहीं रहेंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कमल ध्यानी के पिता से और परिजनों से मुलाकात हुई। गली में छोटा सा मंदिर है, जिसमें कमल के पिता पुजारी हैं। कमल ही इकलौता सहारा था, जिससे घर चलता था। परिवार को और कमल के दोस्तों को सबसे बड़ी जो नाराजगी सरकार से है, वो यह है कि सबको मालूम है कि उस गड्डे के ऊपर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। अंधेरे में गड्ढा खुला छोड़ा था, कोई कमल जैसा गिरना ही था।
उन्होंने कहा कि सभी ने मंत्रियों को यह बात बताई कि यहां पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। बताने के बावजूद आशीष सूद हो या प्रवेश वर्मा, झूठा बोला कि बैरिकेडिंग लगी थी। पता नहीं कमल कैसे गिर गया। उन्होंने कहा कि कमल ध्यानी की मौत के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहरा दिया गया। आप नेता ने आगे कहा कि जो मर गया, उस पर ही दोष लगाना, कितनी घटिया बात है।
आज जनकपुरी के सरकारी गड्ढे में मरने वाले कमल ध्यानी के परिवार से मुलाक़ात हुई
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) February 10, 2026
- पुलिस थानों ने शिकायत ना लिखने पर कार्यवाही हो
- मंत्रियों ने झूठ क्यों बोला
- असली कांट्रेक्टर को सरकार क्यों बचा रही है ? pic.twitter.com/o0lfRGujf9
दिल्ली पुलिस पर भी साधा निशाना
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी जारी नहीं की। पुलिस को पता है कि उस रात कैसे हुआ। दिल्ली पुलिस को सब पता चला कि लीपापोती कैसे हुई। दिल्ली पुलिस के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। इस पर भी नहीं बताया जा रहा है कि मौत किस समय हुई थी। उन्होंने कहा कि कमल ध्यानी के परिजन कैंडल मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने डराने धमकाने की कोशिश की। हमें भी हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि इटावा से योगेश को पकड़ लिया, लेकिन असली गुनाहगार को बचाया जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने पूछे तीन सवाल
आप नेता ने जनकपुरी सड़क हादसे को लेकर तीन सवाल पूछे हैं। पहले सवाल में पूछा कि पुलिस थानों ने शिकायत नहीं लिखने पर कार्यवाही क्यों नहीं। दूसरा सवाल पूछा कि मंत्रियों ने झूठ क्यों बोला। तीसरे सवाल में पूछा कि असली कांट्रेक्टर को सरकार क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक हम चुप नहीं रहेंगे।











