Ghaziabad News: राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके के डीएलएफ और अंकुर विहार इलाके में अगस्त से सीवर लाइन सुविधा मिल सकेगी। सीवर लाइन को डालने का 76 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके तहत जल निगम की 66.36 करोड़ रुपए की योजना के तहत 6927 मकानों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इन इलाकों में सीवर लाइन न होने की वजह से यहां गंदगी की समस्या सबसे ज्यादा रहती है। इसके अलावा इन दोनों इलाकों के घरों से निकलने वाली गंदगी नालों के माध्यम से सीधी यमुना में चली जाती है।
इस वजह से नदी का पानी भी प्रदूषित हो जाता है। इन सभी समस्याओं को खत्म करने के लिए जल निगम के द्वारा यहां सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव बनाया गया था। अमृत योजना 2.0 के तहत इस योजना को स्वीकृति मिली थी। इसके बाद 66.36 करोड़ रुपए की लागत से इसका कार्य जुलाई 2024 से शुरू किया गया था। इन दोनों इलाकों में 57.61 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन डाली जा रही है। वहीं ऐसा बताया जा रहा है कि 53 किलोमीटर की पाइपलाइन डाली जा चुकी है। साथ ही यहां एक पंपिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है। इस स्टेशन का काम लोगों के घरों से आने वाली गंदगी को एसटीपी तक भेजना होगा और इस स्टेशन का भी लगभग 55 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
ओवरऑल लगभग योजना 76 फीसदी के आसपास पूरी हो चुकी है और अधिकारियों का कहना है कि तय डेडलाइन यानी की जुलाई 2026 तक इस योजना के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना के सर्वे के समय अंकुर विहार और डीएलएफ इलाके में कुल 6927 घरों को चिन्हित किया गया था। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि कनेक्शनों की संख्या 7 से हजार से भी अधिक हो सकती है।
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वहीं जुलाई में योजना का काम पूरा हो जाने के बाद अगस्त से कनेक्शन देना शुरू कर दिया जाएगा। इन दोनों इलाकों के सीवर नेटवर्क से जुड़ने के बाद लगभग 50 हजार से भी अधिक लोगों को इसका फायदा होगा। इस समय सीवर का पानी नालियों में बहता है, जिस वजह से यहां गंदगी अधिक फैलती है। इसके बनने के बाद यहां के लोगों को इस गंदगी से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा नालों के द्वारा बहने वाली गंदगी नदियों में जाने से रुकेगी।
