उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में पुलिस ने एक सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली टूथपेस्ट बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने जब फैक्टरी के अंदर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
वहां भारी मात्रा में नामी कंपनियों (जैसे कोलगेट और डाबर) के खाली ट्यूब, रैपर और कार्टन बिखरे हुए थे। पुलिस ने मौके से फैक्टरी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार पिछले कई महीनों से चुपचाप चल रहा था और यहां से तैयार माल दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय बाजारों और छोटी दुकानों में सप्लाई किया जा रहा था।
#WATCH | Delhi Police Crime Branch busts major counterfeit Sensodyne toothpaste unit in Khanjawala, arresting one person, Hari Om Mishra, a resident of Sector-2, Rohini, with a huge consignment of fake Sensodyne toothpaste, empty tubes, cartons, filling and sealing machines, raw… pic.twitter.com/9Jso7bXVcA
— ANI (@ANI) April 3, 2026
हानिकारक रसायनों और कच्चे माल का जखीरा बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में घटिया गुणवत्ता वाला सफेद और लाल रंग का पेस्ट मिला, जिसे बड़े ड्रमों में भरकर रखा गया था। इसके अलावा, टूथपेस्ट के ट्यूब भरने वाली ऑटोमैटिक मशीनें, रैपर सील करने वाले उपकरण और ब्रांडेड कंपनियों के लोगो वाले हजारों जाली डिब्बे बरामद किए गए हैं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि इस पेस्ट को बनाने के लिए बेहद हानिकारक रसायनों और चूने जैसे पदार्थों का उपयोग किया जा रहा था, जो मसूड़ों और दांतों के लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं। पुलिस ने सैम्पल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर ग्राहकों को दिया जा रहा था धोखा
फैक्टरी मालिक बेहद शातिर तरीके से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहा था। वह बाजार से नामी कंपनियों के खाली ट्यूब और डिब्बे छपवाता था और उनमें खुद का बनाया हुआ घटिया पेस्ट भर देता था। पैकिंग इतनी सफाई से की जाती थी कि आम ग्राहक के लिए असली और नकली में फर्क करना लगभग नामुमकिन था।
यह नकली पेस्ट विशेष रूप से साप्ताहिक बाजारों और झुग्गी-बस्तियों की छोटी दुकानों पर कम कीमत में बेचा जाता था। पुलिस अब उन सप्लायर्स और प्रिंटिंग प्रेस की तलाश कर रही है जो इस अवैध काम में आरोपी की मदद कर रहे थे।
सेहत के लिए बड़ा खतरा और पुलिस की आम जनता से अपील
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि बहुत कम कीमत पर मिलने वाले ब्रांडेड उत्पादों पर संदेह करना चाहिए। नकली टूथपेस्ट का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से मुंह का कैंसर, दांतों का गिरना और पेट संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दिल्ली पुलिस अब शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे गोदामों और फैक्ट्रियों की पहचान कर रही है जहाँ नकली कॉस्मेटिक या दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाई जा रही हैं।










