Ghaziabad Police: गाजियाबाद पुलिस ने देश के खिलाफ जासूसी करने वाले बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए महिला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार गाजियाबाद और उसके आसपास के इलाकों से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस मामले में कौशाम्बी पुलिस को 14 मार्च को सूचना मिली थी, जिसके बाद से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कौशाम्बी पुलिस को 14 मार्च को सूचना दी गई थी कि भोवापुर थाना कौशाम्बी में रहने वाले कुछ युवक देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इन युवकों पर आरोप लगा है कि ये रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों की जगहों के वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते हैं, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके इस मामले में 5 पुरुषों और 1 महिला को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस को क्या मिला ?
आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन की गैलरी से अपराध से संबंधित वीडियो और फोटो के साथ महत्वपूर्ण संस्थानों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन बरामद कर ली गई है। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अपर पुलिस आयुक्त ने DCP ट्रांसहिंडन की निगरानी और ADCP क्राइम के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया गया था, जिसमें एसीपी इंदिरापुरम क्राइम, इंटेलिजेंस के साथ कौशाम्बी थाना प्रभारी, साइबर क्राइम और ट्रांसहिंडन जोन की स्वाट टीम को शामिल किया गया था।
VIDEO | Delhi: Three accused, including a woman and a juvenile, have been arrested by SIT for alleged involvement in anti-national activities and sharing sensitive information with foreign handlers. Three mobile phones have been recovered during the operation, and the arrests… pic.twitter.com/P86LWwsDWX
— Press Trust of India (@PTI_News) March 22, 2026
पहले भी हुई है गिरफ्तारी
SIT ने 17 मार्च से आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर 20 मार्च को 9 और लोगों को पकड़ा गया जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। आज 22 मार्च रविवार को SIT ने एक अन्य आरोपी नौशाबू अली को गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ के बाद इस मामले में शामिल एक महिला और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
नाबालिग का नाम नौशाद अली है, जो बिहार का रहने वाला है। वहीं गिरफ्तार महिला मीरा उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली है। आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि पूरा गिरोह सीमा पार से चलाया जा रहा था। इस गिरोह के मुख्य सदस्य सुहैल मलिक, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर हैं। सुहैल मलिक को 14 मार्च को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नौशाद अली ने पुलिस को क्या बताया ?
आरोपी नौशाद अली ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए इस गिरोह से जुड़ा था। जांच में पता लगा है कि नौशाद अली से पहले भी देश के अलग-अलग सुरक्षा केंद्रों, महत्वपूर्ण संस्थानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी कराई गई थी। उन जगहों के फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर मंगवाए गए थे।
उसने फोटो और वीडियो के लिए प्ले स्टोर से एक ऐप इंस्टॉल किया था और उसे चलाने की ट्रेनिंग भी ली थी। इन्हीं सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से उसकी मुलाकात मीरा से हुई, जो गिरोह का सदस्य थी। मीरा मुख्य रूप से हथियारों की तस्करी करती थी, जिसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गिरफ्तार कर चुकी है।










