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ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के राष्ट्रपति नेतन्याहू लगातार अपने देश की जनता का उत्साह बढ़ा रहे हैं। ऐसे में ईरानी जनता में जोश भरने के लिए नए उपाय तलाशे जा रहे हैं।

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच युद्ध को आज 23वां दिन है। ऐसे में युद्ध लड़ रहे इन देशों की नहीं बल्कि युद्ध प्रभावित अन्य देशों की जनता के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ती जा रही हैं। खासकर तेहरान की सड़कों पर गोलीबारी की आवाजों से इतर मातम भी पसरा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक रूप से उपस्थिति न होने के चलते हर गुजरता दिन लोगों के सब्र और हौंसले की परीक्षा ले रही है।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मोजतबा खामेनेई वास्तव में जिंदा हैं भी या नहीं। लेकिन, मोजतबा खामेनेई के गत्ते का पुतला उनकी गैरमौजूदगी की कमी को कुछ हद तक कम कर रहा है। ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई के इस कटआउट को ही असली खामेनेई मानकर जज्बा जिंदा रखा है। चूंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगता था कि अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरानी जनता विद्रोह करेगी और उनकी रणनीति सफल हो जाएगी। लेकिन, युद्ध के 23 दिन बाद भी ईरानी जनता एकजुट नजर आ रही है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई ने 12 मार्च को राष्ट्र के नाम पहला संदेश दिया था। लेकिन यह संदेश उन्होंने स्वयं नहीं दिया बल्कि समाचार एंकर ने टेलीविजन पर उनका संदेश पढ़ा था। संदेश था कि हम शहीदों के खून का बदला लेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की कसम खाई। उस भाषण के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने कोई नई तस्वीर, रिकॉर्डिंग या वीडियो जारी नहीं किया।

लेकिन, खामेनेई समर्थकों की तरफ से मोजतबा खामेनेई का गत्ते वाले पुतले का वीडियो जारी किया ताकि लोगों का उत्साह बना रहे। हालांकि उस समय भी कई लोगों ने यह वीडियो देखकर गत्ते का अयातुल्ला कहकर मजाक उड़ाया था, लेकिन इससे इतर ज्यादातर जनता को भरोसा है कि वे जल्द सामने आएंगे। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि अब मोजतबा खामेनेई जीवित नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि मोजतबा बुरी तरह से घायल हुए और कोमा में हैं।      

अंधेरे की रोशनी में किरण की उम्मीद

अमेरिका और इजराइयल भले ही कुछ भी कहें, लेकिन इस युद्ध की घड़ी में ईरानी जनता एकजुट नजर आ रही है। युद्ध प्रभावित लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया था कि खामेनेई युद्ध के दौरान घायल हुए थे। उनका उपचार चल रहा है। लेकिन, राष्ट्र को पहला संदेश देने के बाद 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। लंबे समय से उनकी गैरमौजूदगी के बावजूद 'गत्ते वाले कटआउट' का वीडियो ईरानी जनता के लिए अंधेरे की रोशनी में किरण की उम्मीद जैसी मानी जा रही है।

'पानी को तरस जाओगे', ईरान ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की चेतावनी दी है। कहा है कि ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला कर दिया जाएगा। वहीं ईरान ने भी तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि अगर उनके पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमला किया जाएगा। इसके अलावा समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले डिसेलिशन प्लांट पर भी हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। यहां क्लिक कर पढ़िये विस्तृत खबर

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