KC Tyagi joins RLD: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सबसे अनुभवी चेहरों में शुमार केसी त्यागी ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आधिकारिक शंखनाद कर दिया है। जेडीयू से इस्तीफा देने के ठीक पांच दिन बाद, रविवार (22 मार्च) को उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'राष्ट्रीय लोक दल' (RLD) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने केसी त्यागी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी का पटका पहनाया।
17 मार्च को जेडीयू से नाता तोड़ने के बाद से ही त्यागी के अगले कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज थीं, जिस पर अब विराम लग गया है।
केसी त्यागी ने क्या कहा?
जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली RLD पार्टी में शामिल होने पर KC त्यागी ने कहा, ''JD(U) और RLD में कोई अंतर नहीं है; इनके आदर्श चौधरी चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर और राम मनोहर लोहिया हैं।''
VIDEO | On joining the Jayant Chaudhary-led RLD party, KC Tyagi says, “There is no difference between JD(U) and RLD; their ideals are Chaudhary Charan Singh, Karpoori Thakur and Ram Manohar Lohia.”
— Press Trust of India (@PTI_News) March 22, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/6UoV12pcwR
जेडीयू के गठन से लेकर अब तक का सफर
केसी त्यागी का जेडीयू के साथ करीब दो दशक पुराना साथ रहा है। साल 2003 में जब समता पार्टी और जनता दल के विलय से जेडीयू का गठन हुआ था, तब से ही त्यागी पार्टी के स्तंभ माने जाते थे। उन्होंने संगठन के भीतर मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार जैसे कई अति-महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। हालांकि, साल 2024 में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मुख्य प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन अब पूरी तरह से पार्टी को अलविदा कहकर उन्होंने आरएलडी के साथ चलने का फैसला किया है।
#WATCH | Delhi: Former JDU leader KC Tyagi joins Rashtriya Lok Dal (RLD) in the presence of RLD President and Union Minister Jayant Chaudhary. pic.twitter.com/kTlAtVxNqP
— ANI (@ANI) March 22, 2026
गाजियाबाद से दिल्ली तक का लंबा अनुभव
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले किशन चंद त्यागी उर्फ केसी त्यागी का राजनीतिक सफर 1970 के दशक से शुरू हुआ था। उनके पास संगठन चलाने का विशाल अनुभव है। वे साल 1989 में उत्तर प्रदेश की हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे और साल 2013 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। केसी त्यागी केवल जेडीयू ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी गिनती देश के उन गिने-चुने नेताओं में होती है जो गठबंधन की राजनीति और विपक्षी एकता की बारीकियों को गहराई से समझते हैं।
पश्चिमी यूपी के समीकरणों पर होगा असर
केसी त्यागी के आरएलडी में शामिल होने के पीछे रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में त्यागी समाज और किसान राजनीति पर उनकी पकड़ जगजाहिर है। जयंत चौधरी की मौजूदगी में उनके आरएलडी में आने से पार्टी को एक अनुभवी रणनीतिकार मिल गया है, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरएलडी के विस्तार में मदद कर सकता है।










