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नासिक के ज्योतिषाचार्य अशोक खरात से जुड़े नए वीडियो वायरल हो रहे हैं। कई यूजर्स इस वीडियो के लिंक सर्च कर रहे हैं। लिहाजा पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को चेताया है।

महाराष्ट्र के नासिक के ज्योतिष अशोक खरात से जुड़े कथित एमएमएस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में वह अलग-अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन रोजाना नया वीडियो सामने आ जाता है, जिसके चलते यह मामला लोगों के ध्यान में आ जाता है। तथाकथित इन आपत्तिजनक वीडियो की संख्या और इनके फुल लिंक को लेकर भी तरह-तरह की भम्र की स्थिति बनी है, जिसके चलते पुलिस भी परेशान है। 

मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से बताया गया  कि ज्योतिष अशोक खरात के कथित आपत्तिजनक वीडियो की संख्या 58 है। यह वीडियो खरात के कार्यालय से जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कि मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव और अन्य स्टोरेज डिवाइस से बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि इन वीडियो की तकनीकी जांच की जा रही है। 

साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को चेताया है कि जालसाज इसका फायदा उठाकर लोगों से ऑनलाइन ठगी कर सकते हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अशोक खरात के वीडियो शेयर करके फुल लिंक पाने के लिए दिए गए यूआरएल पर क्लिक करने को बोला जा रहा है। अगर किसी ने भी इस लिंक को क्लिक किया तो वह ठगी का शिकार हो सकता है। ऐसे में इस तरह से किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। 

19 मिनट 34 सेकेंड के वीडियो को छोड़ा पीछे 

सोशल मीडिया पर 19 Minute 34 second के viral video ने इंटरनेट की दुनिया का गर्दा उड़ा दिया था। इसके बाद स्वीट जन्नत, पायल गेमिंग और पाकिस्तानी उमैर जैसे कई वीडियो वायरल हुए, जिनके नाम पर साइबर अपराधियों ने तथाकथित वायरल वीडियो की क्लिप देने के बहाने लोगों को चूना लगा दिया। अब अशोक खरात के वीडियोज ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। हर कोई उनका पूरा वीडियो देखना चाहता है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों को मौका मिल गया है कि लोगों को आसानी से फंसाया जा सकता है। 

क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट्स

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जांच एजेंसियां कभी भी ऐसे वीडियो वायरल नहीं करती है। जो भी वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनकी भी सत्यता पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। हाल में जितने भी वीडियो वायरल हुए, उनमें से ज्यादातर डीपफेक जनरेटेड पाए गए। ऐसे में लोगों को कभी भी ऐसे लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ऐसे ज्यादातर लिंक फर्जी होते हैं, जिसका मकसद यूजर्स को फिशिंग वेबसाइट्स या मैलवेयर से संक्रमित पेज पर ले जाना होता है। इस पेज पर जाते ही यूजर की निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस तरह के लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। 

फैक्ट चेक में भी प्रमाण नहीं 

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अशोक खरात के 100 से अधिक वीडियो की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन किसी भी फैक्ट चेक में यह प्रमाण नहीं मिला कि इस कथित वीडियो की संख्या ज्यादा है। जांच एजेंसियों ने भी पुष्टि नहीं की है। यह दर्शाता है कि इस घटना का फायदा उठाकर डीपफेक जनरेटेड वीडियो बनाकर लोगों को ठग सकते हैं। 

पुलिस ने लोगों को चेताया 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पुलिस ने लोगों को चेताया कि ऐसे लिंक न तो खोलें और न ही साझा करें अन्यथा उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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