विनय त्रिवेदी अवस्थी-रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं की भूमिका, परिवार, राजनीति और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर बात की। रायपुर की चार महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन, मातृशक्ति के योगदान, महिला सशक्तिकरण और बस्तर के विकास से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनकी माता और पत्नी का बड़ा योगदान रहा है और राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
सवाल : हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है। आपकी सफलता के पीछे मातृशक्ति का कितना योगदान है?
सीएमः मेरी सफलता के पीछे मेरी माता जी का बहुत बड़ा योगदान है। जब मैं 10 साल का था, तभी मेरे पिता का निधन हो गया था। हम चार भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता के जाने के बाद माता जी ने ही मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने हमें संघर्ष करना और संस्कारों के साथ जीवन जीना सिखाया। उन्हीं की मेहनत और तपस्या की वजह से आज मैं इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं।
सवाल : आदिवासी संस्कृति मातृसत्तात्मक मानी जाती है। माता जी के बाद आपकी पत्नी की क्या भूमिका रही?
सीएमः मैं 26 साल की उम्र में विधायक बना और उसके एक साल बाद मेरी शादी हुई। राजनीति में रहने के कारण परिवार को समय देना मुश्किल होता है। ऐसे में मेरी धर्मपत्नी ने पूरा घर और परिवार संभाला। बच्चों की परवरिश से लेकर सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां उन्होंने ही निभाई। उनके सहयोग की वजह से मैं निश्चिंत होकर सार्वजनिक जीवन में काम कर पाया।
सवाल : मुख्यमंत्री के रूप में फैसले तो आप लेते हैं, लेकिन घर में फैसले कौन लेता है?
सीएमः घर में फैसले सामूहिक रूप से होते हैं। बड़े निर्णय हों तो परिवार के सभी सदस्य मिलकर फैसला करते हैं। हमारे घर में भी मां, पत्नी और भाई मिलकर निर्णय लेते हैं।
सवाल : आप इतने व्यस्त रहते हैं, ऐसे में परिवार और करियर के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं?
सीएमः इस मामले में मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। मेरे परिवार की महिलाएं मुझे हमेशा प्रोत्साहित करती हैं और पूरा सहयोग देती हैं। उन्होंने घर-परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली है, इसलिए मैं जनता के बीच जाकर काम कर पाता हूं।
सवाल : छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बस्तर की महिलाओं के लिए सरकार की क्या योजना है?
सीएमः बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र है। लेकिन दुर्भाग्य से वहां लंबे समय तक नक्सलवाद का असर रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की नीतियों के कारण अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने 'नियद नेल्लानार योजना' शुरू की है, जिसके माध्यम से बस्तर के गांवों तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहां घर, बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भी काम किया जा रहा है।
सवाल : आत्मसमर्पित नक्सलियों को विधानसभा की कार्यवाही दिखाने को आप कितनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं?
सीएमः यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। करीब 120 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा पहुंचे और उन्होंने देखा कि लोकतंत्र कैसे काम करता है। यह संविधान के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के नहीं, बल्कि विकास और पर्यटन के लिए जाना जाएगा।
सवाल: आपकी सरकार की योजनाओं में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, इसके पीछे क्या सोच है?
सीएमः मेरे जीवन में मां और पत्नी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मैंने राजनीति में देखा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। इसी सोच के साथ हमने महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना शुरू की है। छत्तीसगढ़ में अब तक आठ लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और हमारा लक्ष्य दस लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
हल्की-फुल्की बात, मातृ शक्ति के साथ!
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 8, 2026
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पत्रकार बहनों के साथ तो अक्सर संवाद के अवसर मिलते हैं, पर प्रिंट मीडिया की बहनों के साथ सामूहिक चर्चा का यह अवसर कुछ खास रहा।
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। मेरा नमन देश और प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को… सभी को… pic.twitter.com/bS9QSZmUaY
सवाल : प्रधानमंत्री की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' पहल का छत्तीसगढ़ में क्या असर दिख रहा है?
सीएमः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि बेटी को बोझ न समझा जाए। छत्तीसगढ़ में खासकर जनजातीय समाज में बेटी के जन्म पर खुशी मनाई जाती है। हमारी सरकार नारी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद अपराधों में कमी आई है।
सवाल : आपके सार्वजनिक जीवन में आपकी पत्नी की क्या भूमिका रही?
सीएमः पिछले कई वर्षों से मेरी व्यस्तता बहुत बढ़ गई है। अब मैं अपने लिए कपड़े भी खुद नहीं खरीद पाता। मेरी पत्नी ही यह जिम्मेदारी निभाती हैं। मेरी अनुपस्थिति में वे सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी संभालती हैं।
सवाल : क्या उन्होंने कभी राजनीति में आने की इच्छा जताई?
सीएमः नहीं, उन्होंने कभी राजनीति में आने की इच्छा नहीं जताई। वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी रहती हैं।
सवाल : राजनीति में कौन-सी महिलाएं आपकी प्रेरणा रही हैं?
सीएमः जब मैंने राजनीति शुरू की तो सुषमा स्वराज और राजमाता विजयाराजे सिंधिया जैसी नेताओं से प्रेरणा मिली। वे जनसेवा के लिए दूर-दूर तक जाती थीं।
सवाल :बस्तर ओलंपिक के जरिए महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
सीएमः हमारे जनजातीय समाज में खेलों के प्रति बहुत उत्साह है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
सवाल : छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?
सीएमः प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जाए। इसी लक्ष्य के साथ हम भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन तैयार कर रहे हैं और 10 प्रमुख मिशनों पर काम कर रहे हैं।
सवाल : छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को लेकर आपकी क्या सोच है? क्या आज भी इसकी जरूरत है?
सीएमः मेरा राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है। पहले महिलाएं घरों से कम निकलती थीं। राजनीतिक कार्यक्रमों में भी उनकी संख्या बहुत कम होती थी। लेकिन छत्तीसगढ़ बनने के बाद डॉ. रमन सिंह की सरकार में महिला स्वसहायता समूहों का गठन हुआ। उन्हें प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला। आज स्थिति बदल चुकी है। जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं को बहुत लाभ मिला है।









