आशीष कुमार - बतौली/सरगुजा। यूनिसेफ के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का दल सरगुजा जिले के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नावापारा पहुँचा, जहाँ उन्होंने सिकल सेल बीमारी के लिए संचालित विशेष कार्यक्रम का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधि दल उपचार व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं से संतुष्ट नज़र आया और स्वास्थ्य केंद्र की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सेवा गुणवत्ता की प्रशंसा भी की।
सिकल सेल कार्यक्रम का निरीक्षण
नावापारा शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिकल सेल बीमारी के मरीजों के लिए संचालित विशेष कार्यक्रम ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। निरीक्षण के दौरान यूनिसेफ टीम ने-
- उपचार प्रक्रिया
- मरीजों के रजिस्ट्रेशन
- दवा उपलब्धता
- फॉलो-अप व्यवस्था
- लैब सुविधाएँ
इन सभी का सूक्ष्म अवलोकन किया। टीम ने पाया कि सिकल सेल मरीजों की देखभाल उच्च मानक के अनुरूप की जा रही है, जिसे अंतरराष्ट्रीय पटल पर आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा सकता है।
#यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने सरगुजा के नावापारा शहरी स्वास्थ्य केंद्र में सिकल सेल कार्यक्रम का निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं और उपचार मॉडल की प्रशंसा की।@SurgujaDist #UNICEF #HealthCenterinspection pic.twitter.com/BhXxG7EOq8
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) February 28, 2026
1000 से अधिक मरीजों को मिला लाभ
अंबिकापुर स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र में अब तक 1000 से अधिक सिकल सेल पीड़ित मरीजों को व्यवस्थित उपचार प्रदान किया गया है। विशेष बात यह है कि न सिर्फ सरगुजा जिले के मरीज बल्कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आकर इलाज करवाते हैं। इसने स्वास्थ्य केंद्र को सिकल सेल बीमारी के लिए एक जीवनदायी उपचार स्थल बना दिया है।
डॉ. श्रीकांत सिंह चौहान की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय पहचान
सिकल सेल कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. श्रीकांत सिंह चौहान के नेतृत्व में यह स्वास्थ्य केंद्र लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उनकी निगरानी में-
- मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग
- समुचित दवा उपलब्धता
- जागरूकता
- परामर्श सेवाएँ
सुनिश्चित की जाती हैं। इसी प्रभावी प्रबंधन और उपचार व्यवस्था के कारण नावापारा स्वास्थ्य केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने भी डॉ. चौहान के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
यूनिसेफ टीम की प्रतिक्रिया
निरीक्षण के बाद यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केंद्र सिकल सेल उपचार का प्रभावी मॉडल है, अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे केंद्र विकसित किए जा सकते हैं अंतर्राज्यीय मरीजों का भरोसा इस केंद्र की गुणवत्ता दर्शाता है और उनका मत स्पष्ट था कि नावापारा स्वास्थ्य केंद्र सिकल सेल बीमारी से लड़ने की मजबूत उम्मीद बनकर उभरा है।









