विश्वनाथ द्विवेदी- सुहेला। छत्तीसगढ़ के सुहेला से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिना मुआवज़े सड़क निर्माण को लेकर किसान आक्रोशित हो गए हैं। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करेंगे और निर्माण कार्य रुकवा देंगे। ग्राम पड़कीडीह से हिरमी मोहरा तक बन रही सड़क को लेकर रावन क्षेत्र के किसानों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
पहले भी नहीं मिला है मुआवजा
बताया जा रहा है कि, इस सड़क का निर्माण पहली बार करीब 40 से 45 साल पहले, वर्ष 1974-76 के दौरान किया गया था। उस समय भी किसानों की निजी जमीन पर सड़क बनी, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मुआवज़ा नहीं मिला। आज भी राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन किसानों के नाम दर्ज है और पगडंडी मार्ग के रूप में दिखाई दे रही है। अब उसी सड़क का पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण किया जा रहा है, लेकिन इस बार भी मुआवज़ा नहीं मिलने से किसान आक्रोशित हैं।
सुहेला में बिना मुआवज़े सड़क निर्माण को लेकर किसान आक्रोशित हो गए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि, तीन दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन करेंगे। pic.twitter.com/Pu9F8Id3uK
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 21, 2026
किसानों ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
किसानों ने कहा कि, हमें पहले भी मुआवज़ा नहीं मिला, अब भी नहीं दिया जा रहा है। अगर 3 दिन में समाधान नहीं हुआ तो हम काम रुकवाएंगे। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान उनके खेतों में लगे पोल और तार तोड़ दिए गए, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा, खेतों में मोरम और वेस्ट मटेरियल डाले जाने से फसल प्रभावित हो रही है। किसानों ने यह भी बताया कि जहां पहले पानी निकासी के लिए पाइप लाइन थी, वहां अब तक नई पाइप लाइन नहीं डाली गई है, जिससे जलभराव का खतरा बना हुआ है।
जांच कर किया जाएगा भुगतान- तहसीलदार
इस मामले में तहसीलदार किशोर कुमार वर्मा का कहना है कि पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद जिन किसानों को मुआवज़ा नहीं मिला है, उन्हें नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।
किसानों की सूची तैयार कर दिया जाएगा मुआवज़ा- PWD इंजीनियर
वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर विश्वनाथ कुर्रे ने बताया कि प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है और पटवारी रिपोर्ट के आधार पर मुआवज़ा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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