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कार्यक्रम में जलवायु अनुकूलन और सामुदायिक नवाचार में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार एवं ओडिशा के 27 चेंजमेकर्स को मिला एकम सम्मान।

रायपुर। सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा आज ‘एकम डायलॉग्स: संवाद से निर्माण’ का रांची में शुभारंभ हुआ। यह आयोजन क्षेत्रीय विकास एवं रेसिलिएंस को मजबूत करने के उद्देश्य से साझा संवाद और निर्माण के जरिए समाधान पर एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। 

दो-दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, ग्रासरुट चेंज मेकर्स, उद्योग-व्यापार जगत, सामाजिक उद्यमी, विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों की भागीदारी हुई। कार्यक्रम के पहले दिन की विशेषता संवाद सत्रों के अलावा 'एकम सम्मान' की पहल रही, जिसके माध्यम से झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा के चेंज मेकर्स को सम्मानित किया गया।

एकम डायलॉग्स एक दूरदर्शी पहल
कार्यक्रम के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए रमापति कुमार, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, सीड ने कहा कि एकम डायलॉग्स क्षेत्रीय विकास और रेसिलिएन्स को समर्पित एक दूरदर्शी पहल है। इसका उद्देश्य सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहे पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्रों में ‘संवाद’ और ‘निर्माण’ के माध्यम से समावेशी और दीर्घकालिक समाधान विकसित करना है।

यह पहल सहयोग, नवाचार और साझा जिम्मेदारी की भावना को सशक्त करती है। इस आयोजन पर हमें गर्व है, यह विचारों को क्रियान्वयन में बदलने का माध्यम है, जहाँ सामुदायिक ज्ञान और साझी भागीदारी समावेशी और भविष्य उन्मुख अर्थव्यवस्था में योगदान देंगे।

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण 
इस अवसर पर जल पुरुष के रूप में प्रसिद्ध एवं तरुण भारत संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि, पारंपरिक जलस्रोतों, वनों, आर्द्र भूमियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सामुदायिक नेतृत्व और नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो एक उत्तरदायी समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करती है।

प्रो. (डॉ.) पीयूष कांत पांडे, कुलपति, एमिटी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ ने जलवायु लक्ष्यों और सतत विकास से संबंधित महत्वाकांक्षाओं की योजना और कार्यान्वयन में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर पद्मश्री फूलबसन बाई यादव, पद्मश्री बुधरी ताती, पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय ने जमीनी स्तर के प्रयासों की जलवायु अनुकूलन के लक्ष्यों के लिए जरुरी बताया। 

तीन राज्यों के 27 चेंजमेकर्स 'एकम सम्मान' से सम्मानित 
कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा के 27 चेंजमेकर्स को एकम सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें छत्तीसगढ़ से भाऊराव गोडबोले (मेडिसिनल प्लांट कंजर्वेशन एवं पारंपरिक वैद्य, छत्तीसगढ़), दामोदर कश्यप (फॉरेस्ट कंजर्वेशन, छत्तीसगढ़), झुमुकलाल मेरावी (मेडिसिनल प्लांट कंजर्वेशनिस्ट एवं पारंपरिक वैद्य, छत्तीसगढ़)। 

 कलावती कश्यप (महिला आजीविका, छत्तीसगढ़), लेकेश बाई जैन (इंटीग्रेटेडफार्मिंग, छत्तीसगढ़), प्रभात मिश्रा (वेटलैंडकंजर्वेशन), रायमति घुइरिया (पारंपरिक बीज संरक्षक, ओडिशा), राजेंद्र बघेल (डोकरा कला संरक्षक एवं प्रशिक्षक, छत्तीसगढ़), रवि सिंह (जल संरक्षण, छत्तीसगढ़), श्यामलाल रजवाड़े (जल संरक्षण, छत्तीसगढ़), तथा वीरेंद्र सिंह (जलसंरक्षण, छत्तीसगढ़) भी थे।

इन वक्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं में श्री ए.के. रस्तोगी (भा. व. से. सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, टास्क फोर्स– सस्टेनेबल जस्टट्रांजिशन, झारखंड, रविरंजन (भा. व. से.), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्य जीव वार्डन, झारखंड; जगदानंद, सह-संस्थापक, सेंटर फॉर यूथ एंड सोशल डेवलपमेंट (ओडिशा) प्रमुख थे। इस दो दिवसीय आयोजन में 300 से अधिक प्रतिनिधि, 70 से अधिक विशेषज्ञ एवं वक्ता 11 तकनीकी सत्रों में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित 11 व्यक्तित्व की गरिमामय उपस्थिति हुई है।

दूसरे दिन होंगे ये आयोजन
एकम डायलॉग्स कार्यक्रम के दूसरे दिन कई संवाद श्रृंखला आयोजित होगी, जो लोक-केंद्रित जलवायु अनुकूलन को आगे बढ़ाने, फ्यूचर-रेडी ग्रीनइकोनॉमी और सततशील आजीविका को सुदृढ़ करने, पारम्परिक ज्ञान, विरासत, कला-शिल्प, खान पान के पुनरुद्धार तथा टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डेटा को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ते हुए हरित विकास एवं और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था को आकार देने पर केंद्रित है।

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