रायगढ़। नगर निगम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के पड़ाव के रूप में एक 'प्रमुख जन गोष्ठी' का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शोभा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हीरा बाई झरेका ने बढ़ाई। उल्लेखनीय है कि झरेका डोकरा बेल मेटल शिल्पकारी की विख्यात कलाकार हैं, जिन्हें उनकी उत्कृष्ट कला के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।
मुख्य वक्ता सुनील आंबेकर ने अपने संबोधन में कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा राष्ट्र के स्वाभिमान को जगाने और व्यक्ति निर्माण की यात्रा रही है। उन्होंने 'राष्ट्र साधना' के महत्व को समझाते हुए समाज के समक्ष 'पंच परिवर्तन' का विजन रखा। सामाजिक समरसता, जाति-पाति के भेद से ऊपर उठकर अखंड समाज का निर्माण करें। परिवारों में संस्कारों का बीजारोपण और भारतीय जीवन शैली होनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण करें और जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लें। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देनी चाहिए। अधिकारों से पहले राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। कला और संस्कृति का सम्मान हो।

संवाद और जिज्ञासा समाधान
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में जिज्ञासा समाधान सत्र हुआ। इसमें नगर के प्रमुख जनों ने शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों और वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर प्रश्न पूछे, जिनका श्री आंबेकर ने तार्किक और सारगर्भित समाधान किया।









