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 गरीब वर्ग के बच्चों को निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए राज्य ने आरटीई पोर्टल खोल दिया है।

देवीलाल साहू- भिलाई। गरीब वर्ग के बच्चों को निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए राज्य ने आरटीई पोर्टल खोल दिया है। नए नियम इस साल वर्ष 2026-27 में लागू होने से प्रदेशभर के निजी स्कूलों में आरटीई की सीटें 65 प्रतिशत घट गई है। इस बार पिछले साल की अपेक्षा 24 हजार 707 सीटें कम कर दी गई हैं। पिछले साल प्रदेशभर में आरटीई क 44173 सीटें थी और इस साल यानी वर्ष 2026-27 में महज 19 हजार 466 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। इन सीटों में 16 फरवरी से दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।

आंकड़े बताते हैं कि,  दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा सहित पूरे 33 जिलों में आरटीई की सीटें घट गई हैं।  जबकि पिछले साल इस कक्षा में 48 सीटें थी। डीएवी हुडको में वर्ष 2025-26 वर्तमान शेक्षणिक सत्र में नर्सरी में दर्ज संख्या 88 है। यहां 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के हिसाब से 22 बच्चों को प्रवेश मिला है। इस साल वर्ष 2026-27 में नर्सरी की सीटें शून्य हो गई है। कक्षा पहली में 31 सीटें आरक्षित की गई है पिछले साल यहां 55 सीटें थी। इस तरह पूरे प्रदेश के स्कूलों में इसी तरह की सीटें कम व शून्य हो गई है।

इसलिए कम हो गईं सीटें
आरटीई के नए नियम में कक्षा पहली को ही अब प्रवेश क्लास बनाया गया है। इसके पहले नर्सरी, केजी वन और पहली क्लास यानी तीनों क्लास को प्रवेश क्लास बनाकर दाखिले दिए जा रहे थे। नियम के बदलाव का असर पूरे प्रदेशभर सीटों की संख्या में हुई है। किसी स्कूल में शून्य सीटें हो गई है तो किसी स्कूल में आधी ही रह गई है। प्रदेशभर के 6866 निजी स्कूलों में ही इस बार दाखिले के लिए सीटें निर्धारित हो पाई है।

पिछले छह सालों में प्रदेश में आरटीई की सीटें
2021-22-53006
2022-23-52849
2023-24-50266
2024-25-54300
2025-26-44173
2026-27-19466

इन उदाहरणों से समझिए सीटें कम व शून्य होने की स्थिति
दिल्ली पब्लिक स्कूल मिलाई में पिछले साल यानी वर्ष 2025-26 में केजी वन की दर्ज संख्या 366 थी। इसका 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के हिसाब से प्रवेश क्लास में 91 सीटें थी। नए नियम के बाद इस साल यानी वर्ष 2026-27 में 90 सीटें घटी है। इसी तरह श्री शंकराचार्य हुडकों में वर्ष 2025-26 में नर्सरी की दर्ज संख्या 24 है। इसका 25 प्रतिशत आरटीई सीटों के हिसाब से 6 सीटों में बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां नर्सरी की सीटें शून्य हो गई है। यहां कक्षा पहली में 24 सीटें रह गई है। जबकि पिछले साल इस कक्षा में 48 सीटें थी। डीएवी हुडको में वर्ष 2025-26 वर्तमान शेक्षणिक सत्र में नर्सरी में दर्ज संख्या 88 है। यहां 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के हिसाब से 22 बच्चों को प्रवेश मिला है। इस साल वर्ष 2026-27 में नर्सरी की सीटें शून्य हो गई है। कक्षा पहली में 31 सीटें आरक्षित की गई है पिछले साल यहां 55 सीटें थी। इस तरह पूरे प्रदेश के स्कूलों में इसी तरह की सीटें कम व शून्य हो गई है।

 

जिला का नाम कुल स्कूल आरटीई सीट(2026-2027)
रायपुर 828 3092
बिलासपुर 574 2068
दुर्ग 526 1372
जांजगीर चांपा 464 692
कोरबा 302 627
बलौदा बाजार-भाटापारा 239 540
कवर्धा 212 422
राजनांदगांव 190 551
मुंगेली 226 920
सारंगढ-बिलाईगढ़ 174 316
रायगढ़ 247 711
धमतरी 214 450
महासमुंद 227 355
सक्ती 243 467
सुरजपुर 367 667
सरगुजा 221 455
बेमेतरा 175 449
बालोद 171 450
बलरामपुर 188 1489
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 81 267
जशपुर 187 810
बस्तर 95 141
गरियाबंद 76 244
कांकेर 156 624
मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर 105 210
कोरिया 97 209
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 75 431
कोंडागांव 87 162
बीजापुर 35 31
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 38 128
नारायणपुर 13 40
दन्तेवाड़ा 15 47
सुकमा 19 29

कुल स्कूल 6866, कुल आरटीई की सीटें 19466

नोट- छत्तीसगढ़ आरटीई पोर्टल में 11 फरवरी 2026 शाम 5 बजे तक दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 

 

 

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