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मोहला-मानपुर में बीपी और शुगर से पीड़ित आदिवासी युवक 8 महीने से बिस्तर पर पड़ा था। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच विधायक इंद्रशाह मंडावी ने मानवीय पहल दिखाई।

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर के गरीब आदिवासी युवक पिछले 8 माह से ऐसे ही बिस्तर में पड़े अपने मृत्यु का इंतजार कर रहा है। लेकिन कमबख्त मौत भी गरीबों को आसानी से नहीं मिलती। 38 वर्षीय, तीन बच्चों का पिता जिसे उसकी पत्नी भी छोड़कर चली गई। सिर्फ बीपी और शुगर की बीमारी से ग्रसित है। पिछले 8 माह से बिस्तर में पड़ा हुआ है। पूरी तरह हड्डी के ढांचे में तब्दील युवक दवा के लिए अस्पताल भी नहीं पहुंच पा रहा है। बस खाट में पड़े-पड़े मौत का इंतजार कर रहा है। 

इस प्रकार का दृश्य ने मन को विचलित कर दिया है, वहीं सुशासन के दावों के बीच शासन-प्रशासन की व्यवस्था की पोल खोल के रख दिया है। स्वास्थ विभाग की लचर व्यवस्था इस मरीज की स्थिति को बयान करती है। हो सकता है यह व्यवस्था पूरे वनांचल में जारी हो, अस्पतालों में दवाओं का टोटा है। वहीं अमला गांवों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे ऐसे मरीजों की पहचान नहीं हो पा रही है। 

विधायक ने प्रदान किया आर्थिक सहयोग
इस पूरी कहानी के बीच मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने मृत्यु सैया पर महिनो से पड़े मरीज का सुध लिया एवं नवाटोला पहुंचकर पीड़ित परिवार से ना केवल मुलाकात किया बल्कि उन्हें अस्पताल भी पहुंचाया और आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया है। विधायक का मानवीय पहल, सूचना मिलते ही घर पहुंचकर भिजवाया अस्पताल-विधायक इन्द्रशाह मंडावी को जैसे ही हरिभूमि में छपी खबर की जानकारी मानपुर संवाददाता बशीर खान के माध्यम से मिली वे नवाटोला में दशरु मंडावी के परिवार में पुत्र का तबियत खराब है जो इलाज का बांट जोह रहा है। 

The Patient: A Tribal Youthस्ट्रेचर में उठाकर पीड़ित को पहुंचाया अस्पताल
विधायक ने संज्ञान में आते ही सीधे आज सुबह नवाटोला का दौरा किया एवं पीड़ित परिवार से मुलाकात किया। उनसे बात कर तुरंत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गिरीश खोबरागढ़े को दूरभाष कर शीघ्र स्वास्थ्य अमला सहित बुलाया और परिवार के सहमति से कृष्णा मंडावी को सीधे अस्पताल पहुंचाया। एम्बुलेंस के आते तक विधायक मंडावी ने इंतजार किया और आने के बाद स्वयं भी पीड़ित को स्ट्रेचर में उठाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया। उन्होंने साथ में अस्पताल पहुंचकर उनके गहन जांच एवं उचित परामर्श के लिए स्वास्थ्य आधिकारियों को निर्देशित किया। विधायक ने इस दौरान पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग भी दिया।

The Patient: A Tribal Youthदशकों से नियति का भी दंश झेला है दशरु का परिवार
दशरु मंडावी के परिवार को शासन-प्रशासन ने तो छला ही है, पर नियति ने भी कोई कसर नहीं छोड़ा है। दशरु का तीन पुत्रों के परिवार में दो पुत्र असामयिक चीरनिद्रा के गोद में समा गए है। वही तीसरा बेटा भी बीमारी के कारण पिछले 3 साल से पीड़ित है एवं 9 महीने से बिस्तर पर पड़े पड़े कंकाल की भांति जिन्दा लाश बन गया है। एक पुत्र सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ है जिनका बीमा का राशि भी पीड़ित परिवार को आज पर्यंत तक नहीं मिल पाया है। ताज्जुब करने वाली बात यह है कि, पीड़ित को तकलीफ में जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत रहने जीवन संगिनी भी मुश्किल के वक्त में छोड़कर चली गई है। पीड़ित के तीनों बच्चों का देखभाल भी दादा दशरु मंडावी को ही करना पड़ रहा है।

नाले का पानी पीने मजबूर है दशरु मंडावी का परिवार
यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि, इसे आप शासन-प्रशासन की निष्क्रियता या विडंबना कहे, आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला बनने के तीन साल बाद भी दशरु मंडावी का परिवार नाले का पानी पीने मजबूर है। उसके घर के आस पास पेयजल की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। ना बोरिंग है न ही नल कनेक्शन है, जिससे पूरा परिवार नाले मे झरिया का पानी पीने मजबूर है। परिवार के घर तक पहुंचने का मुकम्मल रास्ता भी नहीं है। बहरहाल अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि, क्या दशरु मंडावी की उम्मीदों भरी पथराई आंखों को विधायक के दौरे के बाद मूलभूत सुविधाओं का सहारा मिल पाएगा या नहीं?

स्वास्थ्य विभाग एवं युवाओं की टीम ने किया सहयोग
इस दौरान पीड़ित परिवार के साथ दिनेश शाह मंडावी, बशीर खान, देवानंद कौशिक, ऋषभ ठाकुर, सागर सिन्हा, त्रिवेंद्र शाह मंडावी, आबिद खान, सत्यव्रत सिन्हा, हरीश सिन्हा, अभिषेक ठाकुर एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। इस दौरान पीड़ित को युवाओं ने स्ट्रेचर में उठाकर पगडंडी रास्ते से सीधे एम्बुलेंस तक पहुंचाया एवं स्वयं भी एंबुलेंस में अस्पताल पहुंचकर भर्ती कराया।

युवक शुगर बीपी बीमारी से है पीड़ित 
विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि, आज ग्राम नवाटोला (खैरकट्टा) में स्थानीय संवाददाता से मिली सूचना अनुसार, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। पीड़ित युवक को शुगर बीपी का बीमारी है। उसको हॉस्पिटल ले जाने के लिए तत्काल बीएमओ से बात कर एंबुलेंस उपलब्ध कराया गया। उचित इलाज के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

इलाज के लिए लाया गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर गिरीश खोबरागढ़े ने बताया कि, हरिभूमि समाचार पत्र मे प्रकाशित खबर से जानकारी मिली कि, कृष्णा मंडावी उम्र 37 साल बीमार है। चलने फिरने में असमर्थ है, उनका घर पहुँच मार्ग भी बहुत मुश्किल है। लेकिन हम लोग 108 के द्वारा विधायक के निर्देश में समुचित इलाज की व्यवस्था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में किया जाएगा।

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