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रायपुर जिले के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सीएम साय शामिल हुए। कर्म, सेवा और आस्था का संदेश देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान हिमांशु कृष्ण भारद्वाज द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि, हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि, श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

Shrimad Bhagavat Kathaमानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता- मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि, हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया।

धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है छत्तीसगढ़ 
सीएम साय ने कहा कि, लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। 

Shrimad Bhagavat Kathaरामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि, गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, हिमांशु द्विवेदी, सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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