haribhoomi hindi news
जशपुर में आंधी, गर्जना और ओलावृष्टि ने कई गांवों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। किसान सर्वे और मुआवजा की मांग कर रहे हैं।

अजय सुर्यवंशी - जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, गर्जना और झमाझम बारिश के साथ कई गांवों में जमकर ओलावृष्टि हुई। इस बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए यह संकट बनकर सामने आई, क्योंकि तैयार फसलें बुरी तरह प्रभावित हो गईं।

कई गांवों में गिरे ओले, फसलें चौपट
फरसाबहार, लुड़ेग, पत्थलगांव, कछार, तमता, तिलडेगा समेत दर्जनों गांवों में करीब आधे घंटे तक बड़े-बड़े ओले गिरने से खेतों में खड़ी साग-सब्जियों की फसलें नष्ट हो गईं। टमाटर, मक्का, आम, खरबूजा और तरबूज जैसी फसलें पूरी तरह तबाह होने की खबर है। किसान बताते हैं कि यह नुकसान बिक्री के बिल्कुल पहले हुआ, जिससे उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया।

आंधी से गिरे पेड़, घरों को नुकसान
तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर घरों पर गिर गए। कई ग्रामीणों ने बताया कि अचानक आए तूफान ने उनके घरों और खेतों दोनों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

किसानों ने जताई पीड़ा, मुआवजे की मांग
कछार निवासी प्रमोद यादव, तिलडेगा के विमलेश अंबष्ठ और मुड़ापारा के बृजमोहन चरमाको समेत कई किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी पूरी साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। किसानों ने प्रशासन से तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
पत्थलगांव एसडीएम ऋतु राज सिंह बिसेन ने बताया कि पटवारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।

(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।

7