बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में गाड़ी पर बड़े अक्षरों में पुलिस लिखा हुआ है। लेकिन इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि, गाड़ी के अंदर कोई पुलिसकर्मी नहीं बल्कि बाउंसर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद SSP रजनेश सिंह ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया गया है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी की नंबर प्लेट के ऊपर बड़े अक्षरों में पुलिस लिखा हुआ है। हालांकि, इस तरह की नेमप्लेट का इस्तेमाल ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए किया जाता है। लेकिन इस गाड़ी में वर्दीधारी पुलिसवालों की जगह बाउंसर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। नियमानुसार पुलिस के नाम और पहचान का दुरुपयोग करना कानूनन अपराध है। बल्कि यह आम जनता में भ्रम फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश भी है। जैसे ही यह वीडियो एसएसपी रजनेश सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने पुलिस टीम को तत्काल वाहन को जब्त करने का आदेश दे दिया।
बिलासपुर में पुलिस लिखी हुई गाड़ी में बाउंसर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद SSP रजनेश सिंह ने सख्त कार्रवाई के साथ गाड़ी जब्त करने के निर्देश दिए हैं। pic.twitter.com/eoOAKN8ltR
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 24, 2026
SSP ने दी मामले की जानकारी
SSP रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि, जब्त की गई स्कॉर्पियो कोई आधिकारिक पुलिस वाहन नहीं है। बल्कि, निजी तौर पर इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने अब वाहन मालिक की पहचान कर ली है और गाड़ी में सवार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि, कोई भी नागरिक अपने निजी वाहनों पर पुलिस, प्रशासन या किसी भी शासकीय पद का बोर्ड या स्टिकर नहीं लगा सकता।









