भिलाई। तपिश बढ़ने के साथ ही मैत्रीबाग चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों की सेहत को लेकर प्रबंधन सजग हो गया है। संवेदनशील जानवरों और पक्षियों को लू से बचाने के लिए इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं। माहौल को पूरी तरह कूल बनाए रखने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। जंगल के राजा सफेद बाघ को पानी के फौव्वारों तो तो भालू के लिए कूलर की ठंडी हवा के झोंके दिए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले चार पांच दिन से गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। शहर का तापमान 44 डिग्री पहुंचने के साथ ही इंसानों के साथ बेजुबां जानवर भी व्याकुल होने लगे हैं। पखवाड़ेभर पूर्व मैत्रीबाग के वन्य प्राणियों को भीषण गर्मी से बचाने के लि शुरू किए गए प्रबंध के तहत अब संसाधन बढ़ा दिए गए हैं। संवेदनशील माने जाने वाले वाइट टाइगर के एनक्लोजर को पूरी तरह ठंडा रखने चौतरफा इंतजाम किए गए हैं। एनक्लोजर के ऊपर से शावर से पानी की बौछारों से नहलाया जा रहा है वहीं नीचे रेत बिझाई गई है, ताकि गर्मी ने लगे।
जू में छह सफेद बाघ
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जू में छह सफेद बाघ हैं, जिनका खास ख्याल रखा जा रहा है। इनके खानपान को भी संतुलित कर दिया है। हाजमा बना रहे, इसके लिए खाने में बीफ की मात्रा कम कर दी गई है। वाइट टाइगर के अलावा जू के तीन भालुओं और तेंदुआ के कैज के सामने कूलर लगाए गए हैं, ताकि लू के थपेड़ों से बचाया जा सके। खाने में खीरा, तरबूज जैसे पानी व प्रोटीन वाले फल दिए जा रहे हैं।
परिंदे के लिए भी विशेष व्यवस्था
मैत्रीबाग जू में बर्ड्स काम्पलेक्स को भी सेफ जोन में ले लिया गया है। यहां सभी के कैज के बाहर चटाई लगाई गई है ताकि गर्म हवा की झुलसन से बचे रहें। ग्रीन चटाई टाइफून के अलावा तीन प्रिंकलरों से पानी के फौव्वारों से वातावरण को ठंडा रखा जा रहा है। जू में स्टूअर्ड स्टार्क, सारस, मौर सहित सौ से अधिक परिंदे हैं। मैत्रीबाग के प्रभारी डां. एनके जैन बताते हैं कि बताते हैं कि हर साल गर्मी के मौसम में वन्य प्राणियों के लिए व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। इस बार गर्मी बढ़ने के साथ इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं।
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