श्यामकिशोर शर्मा- नवापारा-राजिम। नवपाारा ब्राम्हण समाज द्वारा भगवान विष्णु के छटवें अवतार भगवान परशुराम जी का प्राकट्य उत्सव रायपुर रोड स्थित विभार भवन में रविवार को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया गया। प्राकट्य उत्सव में बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं मातृशक्तियां शामिल हुई।
मंत्रोच्चारण के बीच की गई भगवान परशुराम की पूजा
सुबह 9 बजे पंडित दिनेश तिवारी-संतोष मिश्रा के मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान के साथ भगवान परशुराम जी की पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित ब्राम्हण समाज के लोगों ने पूजा के दौरान पूरे क्षेत्रवासियों और जनमानस की सुख- समृद्धि व खुशहाली के लिए भगवान परशुराम जी से मंगल कामना की। इस अवसर पर पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय ने कहा कि, मोक्ष रथ बड़ी बात नहीं है मोक्ष बड़ी बात है। आपसी वैचारिक मतभेद दूर करें और एक रहें।

हमें परिवार और प्रकृति को जोड़कर रखना होगा : मिश्रा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने कहा कि, कहीं भवन बनता है तो नींव के पत्थर ओझल हो जाते हैं, भवन खड़ा हो जाता है। श्री मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन दर्शन से समाज, परिवार और प्रकृति को जोड़ने की सीख देते हुए कहा कि, परशुराम केवल एक धार्मिक या पौराणिक पात्र नहीं हैं, बल्कि वे समाज, परिवार और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक भी हैं। '
उन्होंने कहा कि, आज के बदलते परिवेश में जब सामाजिक मूल्यों में गिरावट देखी जा रही है, ऐसे समय में भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। उन्होंने बताया कि, परशुराम का जीवन अनुशासन, न्याय और संतुलन का आदर्श प्रस्तुत करता है। वे अन्याय के खिलाफ खड़े होने की शक्ति के प्रतीक हैं, वहीं परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और प्रकृति के प्रति उनका जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अनेक ग्रंथों में उल्लेखित हैं भगवान परशुराम
श्री मिश्रा ने साहित्यिक दृष्टिकोण से भी भगवान परशुराम के चरित्र का विश्लेषण करते हुए कहा कि, भारतीय साहित्य में उनका उल्लेख अनेक ग्रंथों में मिलता है। उन्होंने कहा कि, मैं स्वयं साहित्य के क्षेत्र से जुड़ा हूँ, इसलिए यह कहना चाहता हूँ कि, परशुराम का चरित्र केवल कथा नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है, जो हर युग में प्रासंगिक बना रहता है।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने अनेक संघर्षों का सामना किया है, जिनमें 1965 के युद्ध जैसे कठिन दौर भी शामिल हैं। ऐसे समय में हमारे सांस्कृतिक आदर्श और नायकों ने देशवासियों को एकजुट रखने का कार्य किया।
श्यामकिशोर शर्मा ने दिया स्वागत भाषण
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए ब्राम्हण समाज नवापारा के पूर्व अध्यक्ष हरिभूमि के ब्यूरो चीफ श्यामकिशोर शर्मा ने कहा कि, संगठन में बड़ी ताकत होती है अतएव इस बात का ध्यान रखकर एकता बनाए रखें। यहां आज जो मोक्ष रथ और शव फ्रीजर का लोकार्पण हुआ है इसकी पूरी रूपरेखा ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा एवं नगर पालिका के पूर्व सभापति रमेश तिवारी ने बनाई। जिसके सहयोग में समाज के सभी लोगो का शानदार योगदान रहा।

प्रसन्न शर्मा रेखा तिवारी ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा एवं महिला समाज के अध्यक्ष रेखा तिवारी ने किया। इस अवसर पर स्थानीय पत्रकारो का सम्मान ब्राम्हण समाज द्वारा प्रतीक चिन्ह एवं श्रीफल देकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान मोक्ष रथ एवं शव फ्रीजर का लोकार्पण मुख्य अतिथि प्रभात मिश्रा एवं समाज के लोगो द्वारा किया गया। कार्यक्रम के शुरू होने के पहले मोक्ष रथ को पूरे शहर में लोगो की जानकारी के लिए सायरन बजाते हुए घुमाया गया।
इन विप्रजनों की भी रही मौजूदगी
इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्राचार्य आरबी शर्मा, समाज के वरिष्ठ मधुसुदन शर्मा, सनत शर्मा, समाजसेवी कैलाश शुक्ला, पालिका के पूर्व सभापति रमेश तिवारी, राजिम ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सौरभ शर्मा, समाज के वरिष्ठ अजय तिवारी, आशीष दीवान, ज्ञानेश शर्मा, कैलाश तिवारी, शिव तिवारी, अंकित शर्मा, अनंत पुराणिक, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, दानीशंकर शर्मा, सुनील तिवारी, मनहरण शर्मा, शिवकुमार पांडे, गुड्डु मिश्रा.
जयंत तिवारी, दुर्गाप्रसाद शर्मा, संतोष शर्मा, पिल्लु शर्मा, सपन शर्मा, विवेक शर्मा, चुन्नु शर्मा, प्रफुल्ल दुबे, डॉ. एके. शर्मा, श्याम शर्मा, राम शर्मा, कौस्तुभ शर्मा, क्षेत्रेश तिवारी, चन्द्रेश तिवारी, शेखर मिश्रा, आलोक शर्मा, विवेक शर्मा पं. दिनेश तिवारी, संतोष तिवारी, संतोष मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, युवराज पांडे, दिनेश शर्मा, राकेश शर्मा, दानीशंकर शर्मा, प्रदीप शुक्ला, शिवकुमार पांडे, कमल शर्मा, संजय शर्मा, ललित पांडे, महेश तिवारी, प्रदीप मिश्रा, अभिजीत मिश्रा, अनुराग मिश्रा, अभिनव मिश्रा,
बड़ी संख्या में रही मातृशक्ति की मौजूदगी
सुअंजना उपाध्याय, महिला ब्राम्हण समाज की संरक्षक कस्तुरी तिवारी, भुनेश्वरी शर्मा, कुमुदनी शर्मा, विद्या तिवारी, डॉ मधुरानी शुक्ला, महिला ब्राम्हण समाज की अध्यक्ष रेखा तिवारी, कोषाध्यक्ष सुभाषिनी शर्मा, उपाध्यक्ष तनु मिश्रा, सचिव शोमा शर्मा, सहसचिव रेखा शुक्ला, नंदनी शर्मा, संगीता शर्मा, स्कृति शर्मा, कुशाली दीवान, सुषमा शर्मा, कौमुदी शर्मा, अनामिका तिवारी, योगिता दुबे, सुश्री छाया राही, रूचि शर्मा, किरण तिवारी, रश्मि तिवारी, वंदना शर्मा, रेणुका शर्मा, ममता शर्मा, तारिणी शर्मा, कुमुद पुराणिक, पूनम दीवान सहित बड़ी संख्या में मातृशक्तियां मौजूद थीं।
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