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Akshaya Tritiya 2026 पर छत्तीसगढ़ के तिल्दा में गुड्डे-गुड़िया की अनोखी शादी आयोजित हुई। बैंड-बाजा, बारात और चूलमाटी से पाणिग्रहण तक सभी रस्में असली विवाह की तरह निभाई गईं।

दिलीप वर्मा- तिल्दा नेवरा। छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा में अक्षय तृतीया (अक्ति) के मौके पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां गुड्डे-गुड़िया की शादी बिल्कुल असली विवाह की तरह धूमधाम से कराई गई। बैंड-बाजा, बारात, चूलमाटी से लेकर पाणिग्रहण तक हर रस्म को परंपरागत तरीके से निभाया गया। इस खास आयोजन ने न सिर्फ गांव वालों को रोमांचित किया, बल्कि छत्तीसगढ़ की जीवंत लोक संस्कृति की झलक भी दिखा दी।

गाजे-बाजे के साथ मनाया गया पर्व 
गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में गुड्डे-गुड़ियों की शादी बिल्कुल वास्तविक विवाह की तरह संपन्न हुई। तेल-माटी, चूल-माटी जैसी पारंपरिक रस्मों के साथ डीजे की धुन पर नाच-गाना हुआ, वहीं बारात का स्वागत गड़वा बाजा के साथ बड़े ही उत्साह से किया गया।

पूरे विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न
गोधूलि बेला में विधिवत पानी ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया और पूरे विधि-विधान के साथ यह विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन टंडवा के गौरा चौरा, वार्ड क्रमांक 3 के पास किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण इस अनोखी शादी के साक्षी बने।

ग्रामीणों ने परंपरा की जमकर सराहना की 
इस आयोजन का नेतृत्व वार्ड क्रमांक 3 के हरिश्चंद्र सेन ने किया। पूरे आयोजन को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी वास्तविक दूल्हा-दुल्हन की शादी हो रही हो। ग्रामीणों ने इस पारंपरिक आयोजन की जमकर सराहना की और इसे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया।

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