Sasaram Crime News: रोहतास जिले के सासाराम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अगरेर थाना क्षेत्र के बाराडीह गांव में एक महिला ने अपने पति की हत्या के गम में दो मासूम बच्चों के साथ जहर (सल्फास) खा लिया। इस दर्दनाक घटना में महिला की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई है, जबकि उसके दोनों बच्चों- ताइबा खातून और हमजा खां की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पति की पीट-पीटकर हुई थी हत्या
घटना की पृष्ठभूमि 24 मार्च 2026 की है, जब अपराधियों ने महिला के पति हसन रजा की मुरादाबाद गांव में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अपराधियों ने शव को छिपाने की नियत से दूसरे स्थान पर फेंक दिया था। इस जघन्य अपराध के बाद से ही हसन रजा की पत्नी रेशमा खातून गहरे सदमे में थी। ग्रामीणों का कहना है कि घर का खर्च हसन की कमाई से ही चलता था, और उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
सोमवार रात महिला ने उठाया आत्मघाती कदम
बताया जा रहा है कि सोमवार देर शाम रेशमा खातून ने पहले अपने दोनों बच्चों को सल्फास की गोलियां खिलाईं और फिर खुद भी जहर खा लिया। घर में अफरा-तफरी मचने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में तीनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहाँ उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी में इलाज के दौरान रेशमा की जान चली गई।
जांच जारी
ग्रामीणों की मानें तो हसन रजा की हत्या के बाद से परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिससे तंग आकर रेशमा ने यह कदम उठाया। हालांकि, स्थानीय पुलिस और प्रशासन अभी आर्थिक तंगी की बात से इनकार कर रहे हैं। अगरेर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महिला का बयान लेने की कोशिश की थी, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में महिला को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
प्रशासन ने क्या कहा?
थानाध्यक्ष के अनुसार, पति की हत्या के मामले में पहले से ही जांच चल रही थी और अब इस सामूहिक आत्महत्या के प्रयास ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के विस्तृत बयान के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस घटना ने पूरे बाराडीह गांव में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।










