Dularchand Yadav Murder Case: पटना हाई कोर्ट ने मोकामा के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेडीयू के विधायक अनंत सिंह के परिवार को बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति प्रभात कुमार सिंह की एकलपीठ ने अनंत सिंह के भतीजे राजवीर सिंह और करमवीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित और कुमार हर्षवर्दन की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। गौरतलब है कि इसी मामले में बीते 19 मार्च को खुद अनंत सिंह को भी नियमित जमानत मिल चुकी है, जो करीब साढ़े चार महीने तक बेऊर जेल में बंद रहने के बाद बाहर आए थे।
क्या था पूरा मामला और आरोप?
यह घटना 30 अक्टूबर 2025 की है, जब मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में चुनावी सरगर्मी तेज थी। आरोप है कि जन सुराज के समर्थक दुलारचंद यादव को गाड़ी से जबरन खींचकर उन पर हमला किया गया था।
प्राथमिकी के अनुसार, राजवीर और करमवीर सिंह पर दुलारचंद को गाड़ी से खींचने का आरोप था, जबकि अनंत सिंह पर जान मारने की नीयत से पैर पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद दुलारचंद की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह समेत उनके परिजनों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।
अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि राजवीर और करमवीर सिंह को केवल राजनीतिक द्वेष के चलते इस मामले में घसीटा गया है। उन्होंने तर्क दिया कि उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित मामला है।
दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। हालांकि, केस डायरी का अवलोकन करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों को इस शर्त पर राहत दी कि वे जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।










