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बिहार राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास और वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा पार्टी के संपर्क से बाहर हैं।

Bihar Rajya Sabha Election 2026: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह से शुरू हुई वोटिंग के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बिहार विधानसभा परिसर में मतदान प्रक्रिया जारी है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस के दो विधायकों के 'लापता' होने की खबर ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, फारबिसगंज से विधायक मनोज विश्वास और वाल्मीकिनगर से विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन दोनों विधायकों के रडार से बाहर होने के बाद राज्यसभा चुनाव की पांचवीं सीट का मुकाबला और भी पेचीदा हो गया है।

मनोज विश्वास और सुरेंद्र कुशवाहा से संपर्क टूटा
कांग्रेस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास का फोन बंद आ रहा है और वे कहां हैं, इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को नहीं है। मनोज विश्वास ने 2025 के विधानसभा चुनाव में महज 221 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। वहीं, वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा भी पार्टी की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। सुरेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू के कद्दावर नेता रिंकू सिंह को बेहद कम अंतर से हराया था। चर्चा है कि ये दोनों विधायक विरोधी खेमे के संपर्क में हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पांचवीं सीट पर फंसा पेंच: क्या होगी क्रॉस वोटिंग?
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। एनडीए की ओर से पांच प्रत्याशी हैं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नवीन, राम नाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। राजद को जीत के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) के पांच विधायकों के समर्थन की उम्मीद है, लेकिन कांग्रेस के दो विधायकों के लापता होने से संख्या बल का गणित बिगड़ता नजर आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में 'क्रॉस वोटिंग' की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

शाम तक आएंगे नतीजे, दांव पर दिग्गजों की साख
मतदान प्रक्रिया शाम पांच बजे तक चलेगी, जिसके बाद तुरंत मतगणना शुरू होगी और आज ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। सत्ताधारी गठबंधन (NDA) को उम्मीद है कि संख्या बल उनके पक्ष में है, जबकि विपक्षी गठबंधन 'खेला' होने की उम्मीद लगाए बैठा था। हालांकि, कांग्रेस विधायकों के लापता होने से एनडीए को सीधे तौर पर फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि शाम को जब बक्से खुलेंगे, तो बाजी किसके हाथ लगती है।

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