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बिहार के गया में सिविल कोर्ट प्यून परीक्षा देने आए दो परीक्षार्थियों की सड़क हादसे में मौत हो गई। स्टेशन रोड पर अनियंत्रित ट्रैक्टर ने दोनों को कुचल दिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लिया है।

Gaya Road Accident: बिहार के गया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ भविष्य संवारने का सपना लेकर आए दो युवकों की जिंदगी का सफर रास्ते में ही खत्म हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित शनि मंदिर और बाटा मोड़ के समीप एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने दो परीक्षार्थियों को कुचल दिया। हादसे के वक्त दोनों युवक सिविल कोर्ट में चपरासी (प्यून) पद की परीक्षा देने के लिए अपने परीक्षा केंद्र का पता ढूंढ रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

परीक्षा केंद्र की तलाश बनी काल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों अभ्यर्थी सड़क किनारे खड़े होकर राहगीरों से अपने परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी ले रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रैक्टर ने अपना संतुलन खो दिया और सीधे दोनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अचानक हुए हादसे से स्टेशन रोड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर की गति इतनी अधिक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

ट्रैक्टर की चपेट में आया ठेला दुकानदार, आरोपी चालक हिरासत में
यह हादसा सिर्फ अभ्यर्थियों तक ही सीमित नहीं रहा; पास में ही ठेला लगाकर सामान बेच रहे एक दुकानदार की दुकान भी इसकी चपेट में आ गई। ट्रैक्टर ने युवकों को रौंदने के बाद ठेले में जोरदार टक्कर मारी, जिससे ठेला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दुकानदार का सारा सामान सड़क पर बिखर गया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना के इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मुजफ्फरपुर और भोजपुर के रहने वाले थे मृतक
शुरुआती जांच और पहचान की प्रक्रिया के बाद पुलिस ने बताया कि मृतकों में से एक युवक मुजफ्फरपुर और दूसरा भोजपुर जिले का रहने वाला था। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) भेज दिया है। इस घटना के बाद गया पहुंचे अन्य परीक्षार्थियों और स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने मांग की है कि मुख्य बाजारों और स्टेशन रोड जैसे इलाकों में भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए सख्त यातायात नियम लागू किए जाएं।

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