Patna Student Death Case: बिहार की राजधानी पटना के पॉश इलाके कृष्णापुरी में एक 26 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस घटना को शुरुआत में आत्महत्या माना जा रहा था, उसमें अब करीब 20 दिन बाद मृतका के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। छात्रा मूल रूप से भागलपुर की रहने वाली थी और पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।
बॉयफ्रेंड ने ही दी थी पुलिस को जानकारी
इस मामले की जानकारी सबसे पहले छात्रा के बॉयफ्रेंड पीयूष ने ही पुलिस को दी थी। जानकारी के अनुसार, दोनों पिछले एक साल से पटना के एक फ्लैट में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पीयूष एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है, जबकि युवती अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रही थी। बताया जा रहा है कि दोनों के परिवार एक-दूसरे से परिचित थे और जल्द ही इनकी शादी की बात भी आगे बढ़ने वाली थी।
पिता ने अब दर्ज कराई FIR, बॉयफ्रेंड पर शक
घटना के तुरंत बाद मृतका के पिता, जो कि पूर्व मुखिया हैं, ने किसी भी तरह की कानूनी शिकायत से इनकार कर दिया था। हालांकि, अब 20 दिन बीतने के बाद उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर अपनी बेटी की हत्या की आशंका जाहिर की है। उन्होंने सीधे तौर पर पीयूष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
घटना वाली रात की कहानी
पुलिस पूछताछ में पीयूष ने बताया कि घटना वाली रात वह करीब 9 बजे ड्यूटी से लौटा था। दोनों ने साथ में खाना खाया और फिर अपने-अपने कमरों में चले गए। पीयूष का दावा है कि मोबाइल चैट के दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच तीखी बहस (हॉट टॉक) हुई थी। इसी बीच युवती ने अपने कमरे में तेज आवाज में संगीत बजाना शुरू कर दिया। पीयूष ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन विवाद और बढ़ गया।
दरवाजा तोड़ा तो पंखे से लटकी मिली छात्रा
पीयूष के मुताबिक, जब काफी देर तक युवती ने दरवाजा नहीं खोला, तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। उसने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर खौफनाक था; छात्रा पंखे के सहारे बेडशीट से लटकी हुई थी। वह आनन-फानन में अपने दोस्तों की मदद से उसे अस्पताल ले गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।
पुलिस जांच के दायरे में लिव-इन पार्टनर
थानेदार जितेंद्र राणा के अनुसार, परिजनों का आवेदन मिलने के बाद मामले की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। घटना के समय शिकायत न मिलने पर पीयूष को छोड़ दिया गया था, लेकिन अब उसे फिर से जांच के घेरे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उस रात वाकई आत्महत्या हुई थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।










