Pappu Yadav Arrest: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को रविवार को पटना के पीएमसीएच अस्पताल के कैदी वार्ड से बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया है। शुक्रवार आधी रात को हुई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद सांसद ने सीने में दर्द और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों की टीम ने उनकी सेहत की बारीकी से जांच की और स्थिति में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अब उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत बेऊर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
कल एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी जमानत पर सुनवाई
पप्पू यादव के समर्थकों और उनकी कानूनी टीम की नजरें अब सोमवार को होने वाली कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं। सांसद की जमानत अर्जी पर पटना के विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है। शनिवार को कोर्ट ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए इलाज के निर्देश दिए थे।
कल होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि पप्पू यादव को राहत मिलेगी या उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा। सांसद के वकील स्वास्थ्य आधार और केस की पुरानी अवधि को देखते हुए जमानत की पुरजोर मांग कर सकते हैं।
1995 का पुराना विवाद
यह पूरा मामला करीब 31 साल पुराना है। साल 1995 में पटना के पुनाईचक इलाके में एक मकान को कब्जा करने के आरोप में पप्पू यादव के खिलाफ शास्त्रीनगर टीओपी में केस दर्ज हुआ था। मकान मालिक विनोद बिहारी लाल का आरोप था कि उनके किराएदार ने मकान पप्पू यादव के एक करीबी को दे दिया, जहां राजनीतिक कार्यालय संचालित होने लगा। इसी विवाद को लेकर दर्ज एफआईआर में पुलिस अब वारंट के साथ सक्रिय हुई और आधी रात को उनके मंदिरी आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया।
गंभीर धाराओं में फंसे सांसद
इस मामले में सांसद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। उन पर धारा 419, 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 448 (अनाधिकार प्रवेश), 506 (धमकी) और 120 बी (साजिश) जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला लंबे समय से कोर्ट में लंबित था और वारंट जारी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गिरफ्तारी की गई है। हालांकि, पप्पू यादव और उनके समर्थकों का मानना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।










