Bihar School New Timing: बिहार में गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। आगामी सोमवार, 6 अप्रैल 2026 से राज्य के सभी 80 हजार सरकारी स्कूल मॉर्निंग शिफ्ट में संचालित किए जाएंगे। अब छात्रों को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए स्कूल सुबह जल्दी बुलाए जाएंगे और दोपहर होने से पहले उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशानुसार, अप्रैल के पहले सोमवार से यह नया टाइमटेबल पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा।
नया टाइमटेबल क्या है?
नए शेड्यूल के मुताबिक, छात्रों को सुबह 6:30 बजे तक स्कूल परिसर में अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा। आधे घंटे तक प्रार्थना और अन्य गतिविधियों के बाद सुबह 7:00 बजे पहली घंटी बजेगी, यानी पढ़ाई शुरू हो जाएगी। बच्चों की सुविधा के लिए सुबह 9:00 बजे 40 मिनट का मध्यांतर (लंच ब्रेक) दिया जाएगा। कुल 7 पीरियड की पढ़ाई पूरी होने के बाद दोपहर 12:20 बजे छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी।
शिक्षकों के लिए क्या हैं निर्देश?
छात्रों की छुट्टी 12:20 बजे हो जाएगी, लेकिन शिक्षकों को 10 मिनट अतिरिक्त रुकना होगा। शिक्षकों के लिए छुट्टी का समय दोपहर 12:30 बजे तय किया गया है। इस अतिरिक्त समय में शिक्षक दिन भर पढ़ाए गए विषयों की समीक्षा करेंगे और अगले दिन की कार्ययोजना (Lesson Plan) तैयार करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) ने अपने-अपने जिलों में प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों के लिए इस संबंध में आदेश जारी करना शुरू कर दिया है।
भीषण गर्मी और हीटवेव का खतरा
बिहार के कई जिलों में मार्च के अंतिम सप्ताह से ही पारा बढ़ने लगा था। अप्रैल में भीषण लू (Heatwave) चलने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी दिनों में गर्मी और बढ़ती है या लू की स्थिति गंभीर होती है, तो स्कूलों के समय में और भी कटौती की जा सकती है। पिछले साल भी भीषण गर्मी के कारण कई जिलों में स्कूलों को बंद करना पड़ा था या समय को और कम किया गया था।
निजी स्कूलों में भी बदलाव की तैयारी
सरकारी स्कूलों के मॉर्निंग होने के बाद अब राज्य के अधिकांश निजी स्कूल भी अपने स्तर पर टाइमिंग बदलने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, निजी स्कूलों का समय हर जिले में अलग-अलग हो सकता है, लेकिन ज्यादातर स्कूल सुबह 7:00 से 7:30 के बीच शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से नए समय की जानकारी प्राप्त कर लें ताकि गर्मी से बच्चों का बचाव हो सके।









