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संपादकीय लेख : करोड़ों गरीबों को राहत स्वागत योग्य कदम

गरीबों को मुफ्त राशन योजना को मार्च तक बढ़ाने से इसके लाभार्थियों को काफी राहत मिलेगी। यह स्वागत योग्य कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) को 4 महीने और यानी 31 मार्च, 2022 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है।

संपादकीय लेख : करोड़ों गरीबों को राहत स्वागत योग्य कदम
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संपादकीय लेख

Haribhoomi Editorial : गरीबों को मुफ्त राशन योजना को मार्च तक बढ़ाने से इसके लाभार्थियों को काफी राहत मिलेगी। यह स्वागत योग्य कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) को 4 महीने और यानी 31 मार्च, 2022 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है। पिछले साल, सरकार ने कोरोना के प्रकोप के कारण हुए आर्थिक व्यवधानों के मद्देनजर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) द्वारा कवर किए गए सभी लाभार्थियों के लिए पीएम-जीकेएवाई की घोषणा तीन महीने (अप्रैल-जून 2020) के लिए की गई थी। हालांकि, संकट जारी रहने के साथ, योजना को और पांच महीने जुलाई-नवंबर 2020 के लिए बढ़ा दिया गया था। महामारी की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद, पीएमजीकेएवाई को एक बार फिर दो महीने मई-जून 2021 के लिए शुरू किया गया था और इसे आगे पांच महीने जुलाई-नवंबर 2021 के लिए बढ़ा दिया गया था। यह योजना 30 नवंबर को समाप्त होने वाली थी। अब 31 मार्च 22 तक किया गया है।

इस योजना के तहत, सरकार लगभग 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त प्रदान करती है। यह पीडीएस स्कीम से अलग है। कोरोना के दौर में करोड़ों लोगों के रोजगार छिन गए थे, उस वक्त गरीबों के सामने जीवन यापन का संकट था, तब सरकार ने गरीबों को भुखमरी से बचाने के लिए प्रति माह पांच किलो अनाज मुफ्त देने का फैसला किया था, इससे पात्र गरीबों को काफी लाभ मिला। अभी बेशक इस योजना को बढ़ाने के पीछे सरकार का राजनीतिक मकसद है, लेकिन इसका फायदा पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। चूंकि अगले वर्ष फरवरी से मार्च तक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा व मणिपुर आदि राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में गरीबों को मुफ्त राशन योजना की अवधि बढ़ाने जाने से सत्ताधारी दलों को राजनीतिक फायदा मिल सकता है। केंद्र की भाजपा नीत राजग के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे 2024 के लोकसभा चुनाव की जमीन हो सकते हैं, इसलिए भाजपा अपने स्तर पर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

यूं तो केंद्र की इस घोषणा से पहले ही यूपी की योगी सरकार ने होली तक मुफ्त राशन स्कीम को बढ़ा दिया था, दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी माई तक मुफ्त राशन स्कीम को बढ़ाने का ऐलान कर दिया था। लेकिन केंद्र के ऐलान के बाद सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों को लाभ होगा। पीएमजीकेएवाई के बढ़ने से राजकोष पर अतिरिक्त 53,344 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीएमजीकेएवाई की कुल लागत इस विस्तार सहित लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी ने 19 नवंबर को गुरु पर्व के दिन इन तीनों कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। ऐलान पर केंद्रीय कैबिनेट की मुहर जरूरी थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद कानून वापसी के प्रस्ताव को संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में पारित करवाया जाएगा। इसके बाद किसान आंदोलन की वजह बने तीनों कृषि कानून खत्म हो जाएंगे। संसद सत्र 29 नवंबर से शुरू होना है। सरकार के इन दोनों फैसलों से जहां एक तरफ गरीबों जिसमें किसान भी शामिल हैं, को राहत मिलेगी, वहीं कानून वापसी पर केंद्रीय मुहर से किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा।

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