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शुक्रवार, फरवरी 22, 2019  
पुलवामा आतंकी हमले के सबूत : पठानकोट और उरी के सबूत पर नापाक ने नहीं उठाए कोई कदम

फरवरी 21,2019

पुलवामा आतंकी हमले के सबूत : पठानकोट और उरी के सबूत पर नापाक ने नहीं उठाए कोई कदम

क्या कारण है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पुलवामा आतंकी हमले पर सफाई देनी पड़ रही है। क्या वजह है कि वह भारत से मिन्नतें कर रहे हैं कि वह पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत दे तो वह हर किस्म की जांच करवाने को तैयार हैं। क्या भारत ने मुंबई हमले के सबूत पाकिस्तान को नहीं सौंपे थे। संसद पर हुए अटैक के अकाट्य सबूत नहीं दिए थे।

पुलवामा आतंकी हमला : आस्तीन के सांपों को कुचलना जरूरी

फरवरी 18,2019

पुलवामा आतंकी हमला : आस्तीन के सांपों को कुचलना जरूरी

कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए, जबकि अभी तक करीब 20 जवान ज़ख्मी हैं। शहादत का आंकड़ा कहां जाकर थमेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता। यह अभी तक का सबसे भयावह, खौफनाक, वीभत्स आतंकी हमला है। यह कश्मीर की सरज़मीं का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। यह कश्मीर और भारत के आस्तीन के सांपों का साजिशाना हमला है।

विश्लेषण : भारतीय राजनीति में पीएम के लिए शर्मनाक बयान, विपक्ष की हताशा का परिचय

फरवरी 12,2019

विश्लेषण : भारतीय राजनीति में पीएम के लिए शर्मनाक बयान, विपक्ष की हताशा का परिचय

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सोमवार को दिल्ली में आंध्र भवन में धरने पर बैठे। उन्होंने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर केंद्र के खिलाफ धरना दिया है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम डा. मनमोहन सिंह भी चंद्रबाबू नायडू को अपना समर्थन देने के लिए आए। लेकिन चंद्रबाबू के धरनास्थल पर एक तख्ती लगी हुई थी, जिस पर पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। तख्ती पर लिखा है कि ‘जिसके हाथ में चाय का झूठा कप देना था, उसके हाथ में जनता ने देश दे दिया’।

चुनावी स्वाइन फ्लू, पढ़ें मजेदार व्यंग्य

फरवरी 05,2019

चुनावी स्वाइन फ्लू, पढ़ें मजेदार व्यंग्य

बुरे दिनों के लिए जिस तरह मेरे जैसा महास्वार्थी दोस्तों में कुछ कम स्वार्थी दोस्तों को चुनता है, चुनाव के वक्त वोट डालते हुए मेरे जैसा विवेकहीन मतदाता तक भ्रष्ट समाज सेवकों में से कुछ कम भ्रष्ट समाज सेवक को चुनता है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय न्यूज: हॉस्टल के लिए और कितने 'रजनीकांत' को अपनी जान देनी पड़ेगी?

फरवरी 02,2019

इलाहाबाद विश्वविद्यालय न्यूज: हॉस्टल के लिए और कितने 'रजनीकांत' को अपनी जान देनी पड़ेगी?

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आने वाला हर छात्र अपनी आंखों में सपनों के साथ ही हाथ में आटा और चावल की बोरी भी लेकर आता है। कई छात्रों की आंखों में अधिकारी और बड़ा साहेब बनने के सपने होते हैं। तो वहीं कइयों की इच्छा होती है कि नेता वाला ड्रेस कोड फॉलो करेंगे यानी सफेद शर्ट, सफेद पैंट और सफेद जूता पहन कर नेताही करेंगे।

बजट 2019 विश्लेषण : लोकसभा चुनाव के बाद अंतरिम बजट में देखेगी पूर्ण बजट की झलक

फरवरी 02,2019

बजट 2019 विश्लेषण : लोकसभा चुनाव के बाद अंतरिम बजट में देखेगी पूर्ण बजट की झलक

इस अंतरिम बजट को चुनाव के लोकलुभावन आईने से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है। यह बजट चुनावी वर्ष में जरूर पेश हुआ है और इसका स्वरूप जरूर अंतरिम है, लेकिन इसकी दृष्टि व्यापक है, समग्र है और समावेशी है। समावेशी विकास को परिलक्षित करने वाली हर खूबी इस बजट में है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट में हर वर्ग को साधने करने की कोशिश की है, जिसमें उन्होंने वित्त वर्ष 2019-20 का मजबूत आधार रख दिया है।

Modi Govt Report Card : मोदी सरकार के पांच साल की रिपोर्ट कार्ड, जानें कैसी बनी 'भारत की तस्वीर'

फरवरी 01,2019

Modi Govt Report Card : मोदी सरकार के पांच साल की रिपोर्ट कार्ड, जानें कैसी बनी 'भारत की तस्वीर'

आज केंद्र की मोदी सरकार भारत के लिए अंतरिम बजट 2019 (Union Budget 2019 India) पेश करने जा रही है, अब जबकि देश चंद महीनों बाद आम चुनाव में जा रहा है, ऐसे में मौजदूा राजग सरकार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों का आंकलन जरूरी है। 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद लगभग साढ़े चार साल में देश में अनेक नीतिगत व व्यवस्थागत बदलाव आए हैं।

व्यंग्य : वो सहयोगियों को गिराने के लिए 'तनाव परोसते हैं'

जनवरी 29,2019

व्यंग्य : वो सहयोगियों को गिराने के लिए 'तनाव परोसते हैं'

तनाव आज का मुख्य ग्लैमर है। वो आदमी ही क्या जिसे तनाव न हो। तनाव है तो आप व्यस्त हैं, महत्वपूर्ण हैं। आपकी समाज में पूछ-परख है। एक अच्छा तनावी आदमी वो होता है जो न केवल तनाव जीता है बल्कि उसे मुक्त हस्त से बांटता भी है।

रिपोर्ट में बड़ा खुलासा : मासूमों पर जुल्म कर रही 'नापाक सेना'

जनवरी 24,2019

रिपोर्ट में बड़ा खुलासा : मासूमों पर जुल्म कर रही 'नापाक सेना'

विदेशों के कुछ प्रमुख पत्रकारों ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया और जगह-जगह जाकर आम जनता से बात की। अपने निष्कर्ष में उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तान में आम जनता की हालत दिनों-दिन बद से बदतर हो रही है। वहां पर आम जनता को खाने के लिए पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा है। 25 प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। आम जनता को अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं के पास कोई काम नहीं है।

व्यंग्य : लोकसभा चुनाव के लिए 'गठजोड़ और भागदौड़'

जनवरी 23,2019

व्यंग्य : लोकसभा चुनाव के लिए 'गठजोड़ और भागदौड़'

शीत ऋतु आकर जा रही है। कायदे से इसके बाद वसंत को आना है, लेकिन इस बार चुनावी रुत की वजह से अपूर्व गठबंधन पर्व का आना तय है। हर ओर, समय रहते गांठ बांध लेने की जुगत चल रही है। नीले फूल वाले गुलदस्ते फर्जी लाल फूलों के बगलगीर हो मुस्करा रहे हैं। थोड़ी बहुत बरसात हो जाए तो देखते ही देखते सारा माहौल ही हरा-भरा हो जाए्गा।

20 हजार करोड़ रुपये का है भारतीय फिल्म उद्योग, 2020 तक 23,800 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा

जनवरी 21,2019

20 हजार करोड़ रुपये का है भारतीय फिल्म उद्योग, 2020 तक 23,800 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा

देश के फिल्म इतिहास में शायद यह पहली बार होगा, जब प्रधानमंत्री ने फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों के साथ सीधे संवाद किया हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करने के मौके पर बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकारों को संबोधित कर राष्ट्र निर्माण व अर्थवयवस्था में फिल्म उद्योग के महत्व को रेखांकित किया।

लोकसभा चुनाव 2019 : बुआ-बबुआ के गठबंधन से महागठबंधन में फूट, किस करवट बैठेगा ऊंट?

जनवरी 19,2019

लोकसभा चुनाव 2019 : बुआ-बबुआ के गठबंधन से महागठबंधन में फूट, किस करवट बैठेगा ऊंट?

लोकसभा को करीब 15 फीसदी सीटें देने वाले देश के बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बुआ-बबुआ का 38-38 सीटों पर गठबंधन हो जाने से एक बार फिर यह बात साफ हो गई है कि भारतीय राजनीति में न कोई स्थायी दुश्मन है और न दोस्त और न ही भारतीय राजनीति में नैतिकता और शुचिता नाम की कोई चीज शेष रह गई है।

हे भक्तो! ये माया बहुत ठगिनी है

जनवरी 17,2019

हे भक्तो! ये माया बहुत ठगिनी है

अपने पाप्जी को लाइव रहने की न ठीक होने वाली बीमारी है। कारण, वे पेशे से लाइवता को धारण किए हैं। लाइव होने का यह असाध्य रोग जिसे एक बार लग जाए तो वह मरने के बाद भी नहीं जाता। मरने के बाद भी वह अशरीरी हो लाइव रहने लगता है, अपने भक्तियों, भक्तनों को परेशान करता।

लोकसभा चुनाव 2019 : एक बार फिर निकला 'भारत में असहिष्णुता' का जिन्न

जनवरी 15,2019

लोकसभा चुनाव 2019 : एक बार फिर निकला 'भारत में असहिष्णुता' का जिन्न

सहिष्णुता पर एक बार फिर भारत में सियासत गरमा गई है। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के देश से बाहर दिए एक भाषण से राजनीतिक पारा उफान पर है। संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत में असहिष्णुता का राग फिर छेड़ा और बीजेपी पर निशाना साधा। दुबई में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और भारत के लोगों को साथ लाने वाले मूल्य विनम्रता और सहिष्णुता हैं।

विश्लेषण : राजनीतिक छल का शिकार छत्तीसगढ़

जनवरी 12,2019

विश्लेषण : राजनीतिक छल का शिकार छत्तीसगढ़

दिल्ली ने कभी चाहा होगा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश बने इसके लिए यहां की माटी, अरण्य, नदियां और मनुष्य उसके आभारी हैं। लेिकन यहां की आवाज कभी दिल्ली दरबार में सुनी नहीं गई। सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की। छत्तीसगढ़ अपनी आवाज सुनाने के लिए अब तक बेताब है। जब यह प्रदेश बना तब बहुमत दिवंगत कांग्रेस नेता पंडित विद्याचरण शुक्ल के साथ था।

विश्लेषण : सामान्य वर्ग की जातियों को 10 फीसदी आरक्षण जायज या नाजायज, जानें

जनवरी 10,2019

विश्लेषण : सामान्य वर्ग की जातियों को 10 फीसदी आरक्षण जायज या नाजायज, जानें

केन्द्र में नरेंद्र मोदी सरकार ने अंततः सामान्य वर्ग की जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देकर एक पुरानी और जायज मांग को मान लिया है। मोदी सरकार के इस फैसले से उन करोड़ों सवर्ण जाति के लोगों को भी कुछ राहत मिल सकेगी जो पीढ़ियों से निर्धनता का जीवन जीने को अभिशप्त हैं। यह दस प्रतिशत का आरक्षण सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को दिया जाएगा।

Citizenship Amendment Bill: नागरिकता नियमों पर राजनीति उचित नहीं

जनवरी 09,2019

Citizenship Amendment Bill: नागरिकता नियमों पर राजनीति उचित नहीं

नागरिकता को लेकर देश के पास स्पष्ट नीति होनी चाहिए। इसमें कोई दोराय नहीं है। नागरिकता के लिहाज से भारत को विश्व में सबसे उदार देश माना जाता है। देश ने 1955 में नागरिकता अधिनियम लागू किया था। इसमें कौन नागरिक होगा और किनको भारत की नागरिकता मिल सकती है, यह प्रावधान किया गया।

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