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सहारनपुर किसान पंचायत में प्रियंका गांधी की हुंकार, किसानों से बोलीं- एक कदम पीछे मत हटना, पीएम मोदी पर साधा निशाना...

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली हिंसा के बाद से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान महापंचायतों का दौर चल रहा है। पहले जहां किसान संगठन महापंचायत कर रहे थे, वहीं अब राजनीतिक दल भी इसमें कूद पड़े हैं। कुछ दिन पहले राष्ट्रीय लोकदल पार्टी ने भी बिना अनुमति सहारनपुर के शामली में किसान महापंचायत की थी। कांग्रेस की यह पहली किसान पंचायत है। जिला प्रशासन ने जिले में धारा 144 लागू कर आदेश जारी किए थे कि बिना अनुमति लिए कोई रैली, धरना या महापंचायत नहीं होगी। प्रशासन के इस रूख पर कांग्रेस भी किसान पंचायत करने पर अड़ गई। कैसा रहा पूरे दिन का घटनाक्रम, इस रिपोर्ट में पढ़िये...

सहारनपुर किसान पंचायत में प्रियंका गांधी की हुंकार, किसानों से बोलीं- एक कदम पीछे मत हटना, पीएम मोदी पर साधा निशाना...
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सहारनपुर के चिकलाना में आयोजित किसान पंचायत में लोगों का अभिवादन करतीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी व अन्य। 

कांग्रेस (Congress) की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने सहारनपुर के चिकलाना में आयोजित किसान पंचायत में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर निशाना साधा। जिला प्रशासन ने उनके दौरे से ठीक पहले जिले में धारा 144 लागू कर दी थी, लेकिन कांग्रेस महासचिव के कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने किसानों से कहा कि ये आपकी जमीन का आंदोलन है, आप पीछे मत हटना। जब तक ये कृषि बिल वापस नहीं होते, तब तक डटे रहिये, हम भी आपके साथ रहेंगे।

किसानों का रोजाना अपमान

प्रियंका गांधी ने कहा कि किसानों को रोजाना अपमानित किया जा रहा है। कभी आतंकवादी कहते तो कभी आंदोलनजीवी कहते हैं। किसानों को देशद्रोही कहने वाला, उसका मजाक उड़ाने वाला, उसको आतंकवादी कहने वाला कभी देश भक्त नहीं हो सकता। 78 दिन से किसान बॉर्डर पर है। कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा, इस सरकार ने '16000 करोड़ के दो हवाई जहाज ले लिए और 20000 करोड़ संसद के सुंदरीकरण में खर्च कर दिया, लेकिन किसानों का बकाया 15000 करोड़ आज तक नहीं दिया।

56 इंच के सीने में छोटा सा दिल

प्रियंका गांधी ने कहा कि 56 इंच के सीने में छोटा सा दिल है, लेकिन वो सिर्फ उद्योगपतियों के लिए धड़कता है। देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला किसान है। किसान का बेटा सीमा पर शहीद होता है, इस देश के लिए जान देता है। किसान का बेटा प्रधानमंत्री की सुरक्षा करता है, लेकिन प्रधानमंत्री किसान का दिल नहीं पहचान रहे हैं। जाग जाइये, जिनसे आप उम्मीद रख रहे हैं, वे आपके लिए कुछ नहीं करेगें। जब वे बड़े बड़े वायदे करते है, तो समझ जाइये उनके शब्द खोखले हैं। ये आपकी ज़मीन का आंदोलन है, आप पीछे मत हटिये। हम खड़े हैं, जब तक ये बिल वापस नहीं होते, तब तक डटे रहिये।

कृषि कानूनों पर साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने कहा कि नए कृषि कानून से जमाखोरी का दरवाजा खुलेगा। यह खरबपति तय करेंगे कि आपकी फसल कैसे खरीदी जाए। सरकारी मंडियां बर्बाद हो जाएंगी। कांट्रेक्ट फार्मिंग से भी धोखा मिलने वाला है। प्राइवेट कंपनियां मनमानी कीमत तय करेंगे और किसानों को अपनी फसल उसी दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जब काँग्रेस की सरकार बनेगी तो कानून आपकी मदद के लिए बनेंगे, ना कि आपको पीसने के लिए। हम आपके दिलों के साथ और जीवन के साथ राजनीति नहीं करेगें। हम आपको धर्म और जाति के नाम पर तोड़ेंगे नहीं, आपका बंटवारा नहीं करेगें, हम आपको जोड़ेंगे।

माता का आशीर्वाद लेकर आई हूं

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मैं माता का आशीर्वाद लेकर आई हूं। माता की कथा आपको पता होगी। जब अकाल पड़ा था तो माता ने अपनी 100 आंखों से आंसू बहाए, जिससे किसानों को पानी मिला। नए कृषि कानून राक्षसरूपी हैं। सरकार को इन कानूनों को वापस लेना ही पड़ेगा। इससे पूर्व यूपी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्‍लू ने मंच को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून आने के बाद से किसान हताश हैं। किसानों को आज दबाया जा रहा है। प्रियंका गांधी किसानों की लड़ाई लड़ने यहां आई हैं। किसानों की आवाज को किसी भी तरह से दबने नहीं दिया जाएगा।

मां शाकुंभरी देवी के दर्शन कर खानगाह दरगाह में लगाई हाजिरी

कांग्रेस महासचिव ने सहारनपुर में रायपुर स्थित खानगाह दरगाह में हाजिरी लगाई। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस नेता इमरान मसूद भी मौजूद रहे। इससे पूर्व उन्होंने शाकुंभरी देवी मंदिर के दर्शन किए और मां का आशीर्वाद लिया। वे यहां पर करीब आधे घंटे तक रूकीं।

किसान महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए सुबह से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम स्थल पर करीब 20 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था थी। पंचायत स्थल पर भारी संख्या में लोग खड़े भी दिखाई दे रहे हैं। यहां पर जिला पुलिस की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंच पर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया, रामपुर की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, प्रमोद कृष्णम समेत कई नेता नजर आए।

पहले से जता दिए थे इरादे

सहारनपुर में धारा 144 लागू होने के चलते रैली, धरना या महापंचायत करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य बताया गया था। प्रशासनिक आदेशों में स्पष्ट कहा गया था कि बिना अनुमति ऐसे आयोजन नहीं किए जा सकेंगे। इसके बावजूद कांग्रेस ने भी पहले से तय कर लिया था कि यह किसान पंचायत हर हाल में होकर रहेगी। इसकी झलक सहारनपुर के लिए रवाना होने से पहले किए गए प्रियंका गांधी के ट्वीट में भी नजर आती है।

कांग्रेस महासचिव ने अपने ट्वीट में लिखा, 'किसानों के दिल की बात सुनने, समझने, उनसे अपनी भावनाएं बांटने, उनके संघर्ष का साथ देने आज सहारनपुर में रहूंगी। भाजपा सरकार को काले कृषि कानून वापस लेने होंगे... जय जवान-जय किसान।' बता दें कि प्रियंका को आठ फरवरी को भी सहारनपुर रैली करने आना था, लेकिन कोरोना संक्रमण और कम फोर्स का हवाला देते हुए प्रशासन ने उन्हें रैली करने की इजाजत नहीं दी थी। तब उनका दौरा टाल दिया गया था, लेकिन इस बार अनुमति न होते हुए भी किसान पंचायत कर मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया।

जय जवान जय किसान अभियान

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद से विशेषकर यूपी के किसान कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर मुखर हैं। कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में जय जवान जय किसान अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश कांग्रेस किसान पंचायतों का आयोजन करके केंद्र पर तीनों कृषि कानून की वापसी के लिए दबाव बनाना चाहती है। इससे निश्चित है कि प्रदेश में कांग्रेस की जड़ें भी मजबूत होंगी। कांग्रेस महासचिव की यह पहली किसान पंचायत है, जो कि ट्रैक्टर रैली हिंसा के बाद हो रही है। ऐसे में इस पर सभी सियासी दलों की भी खास नजर है।

पांच अप्रैल तक धारा 144 लागू

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सहारनपुर के डीएम ने आगामी त्योहारों और परीक्षाओं के मद्देनजर जिले में 5 अप्रैल तक धारा 144 लागू की है। इस दौरान किसी को भी बिना अनुमति के रैली, धरना या महापंचायत न करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह किसान महापंचायत होकर रहेगी। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल की ओर से भी सहारनपुर के शामली में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। उस वक्त भी प्रशासन ने महापंचायत करने की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके रालोद नेता जयंत चोधरी की अगुवाई में यहां भारी भीड़ उमड़ी थी। अब कांग्रेस भी उसी राह पर है।


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