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पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में आर्टिकल 370 हटने के बाद मिलने वाले फायदे बताए

जम्मू-कश्मीर में पीएम पैकेज समेत अन्य कई योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 का हटना, आतंक और अलगाव को बढ़ावा देने वालों के लिए ब्लैक डे सिद्ध हो चुका है।

Live : पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में आर्टिकल-370 हटने के बाद मिलने वाले फायदे बताएपीएम नरेंद्र मोदी

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर पीएम मोदी ने जवाब देते हुए विरोधियों पर तीखा वार किया है। पीएम मोदी ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि अनुच्छेद 370 का फैसला बिना चर्चा के लिया गया था। यह गलत है। पूरे देश ने टीवी पर पूरे दिन चर्चा देखी है सुनी है। व्यापक चर्चा हुई है। विस्तार से चर्चा हुई है। चर्चा के बाद सदन ने फैसला लिया है।

370 हटने के बाद वहां के गरीब सामान्य वर्ग को आरक्षण का लाभ मिला। पहाड़ी भाषी को लोगों को आरक्षण का लाभ मिला, महिलाओं को ये लाभ मिला कि वो अगर राज्य के बाहर शादी करती हैं तो उनकी सं​पत्ति जब्त नहीं ​की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर में 2.5 लाख शौचालयों का निर्माण हुआ

18 महीनों में जम्मू-कश्मीर में 2.5 लाख शौचालयों का निर्माण हुआ। 3 लाख 30 हजार घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया। 3.5 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान योजना के गोल्ड कार्ड दिए जा चुके हैं।

सिर्फ 18 महीनों में जम्मू-कश्मीर में डेढ़ लाख बुजुर्गों और दिव्यांगों को पेंशन योजना से जोड़ा गया है। जम्मू-कश्मीर में पीएम आवास योजना के तहत मार्च 2018 तक सिर्फ 3.5 हजार मकान बने थे। 2 साल से भी कम समय में इसी योजना के तहत 24 हजार से अधिक मकान बने हैं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पहली बार जम्मू-कश्मीर में एंटी करप्शन ब्यूरो की स्थापना हुई, पहली बार वहां अलगाववादियों के सत्कार की परंपरा समाप्त हो गई। पहली बार जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ पुलिस और सेना मिलकर निर्णायक कार्रवाई कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में पीएम पैकेज समेत अन्य कई योजनाओं को तेजी

जम्मू-कश्मीर में पीएम पैकेज समेत अन्य कई योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 का हटना, आतंक और अलगाव को बढ़ावा देने वालों के लिए ब्लैक डे सिद्ध हो चुका है।

आतंकवादियों पर सीमापार से हो रही फंडिग पर नियंत्रण आया। पहली बार अलगाववादियों के सत्कार की संस्कृति समाप्त हुई। पहली बार जम्मू-कश्मीर के पुलिस कर्मियों को वो भत्ते मिल रहे हैं जो अन्य राज्य के पुलिस कर्मियों को मिल रहे है।

उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने लोकसभा में एक बात कही थी -democracy in India is being harmed due to protests on Telangana issue. अटल जी की सरकार ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ बनाएं थे, पूरे सम्मान, शांति और सद्भाव के साथ।

आजाद साहब की जानकारी 2014 के पहले की है

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि आजाद साहब कह रहे हैं कि नॉर्थ-ईस्ट जल रहा है। यदि जलता होता तो सबसे पहले आपने वहां पर अपने प्रतिनिधियों का जरूर भेजा होता और प्रेस कांफ्रेस तो जरूर की होती। मुझे लगता है कि आजाद साहब की जानकारी 2014 के पहले की है।

नार्थ ईस्ट अभूतपूर्व शांति के साथ आज भारत की विकास यात्रा का एक अग्रिम भागीदार बना है। 40-50 वर्षों से नॉर्थ ईस्ट में हिंसक आंदोलन चलते थे, लेकिन आज वो आंदोलन समाप्त हुए हैं और शांति की राह पर नॉर्थ ईस्ट आगे बढ़ रहा है।

शांति की राह पर पूरा नार्थ-ईस्ट आगे बढ़ रहा

मैं अपडेट करना चाहूंगा कि नार्थ-ईस्ट अभूतपूर्व शांति के साथ आज भारत की विकास यात्रा का एक अग्रिम भागीदार बना है। 40-50 साल से वहां जो हिंसक आंदोलन चलते थे, आज वो आंदोलन बंद हुए हैं और शांति की राह पर पूरा नार्थ-ईस्ट आगे बढ़ रहा है।

यहां अर्थव्यवस्था के विषय में चर्चा हुई। देश में निराश होने का कोई कारण नहीं है। अर्थव्यवस्था के जो बेसिक मानदंड है, उनमें आज भी देश की अर्थव्यवस्था सशक्त है, मजबूत है और आगे जाने की ताकत रखती है।

पुराने कारनामे लोग भूलते नहीं

पुराने कारनामे इतनी जल्दी लोग भूलते नहीं हैं। जब तेलंगाना बना, तो इस सदन का हाल क्या था? दरवाजे बंद कर दिए गए थे, टीवी का टेलीकास्ट बंद कर दिया गया था। चर्चा का तो कोई स्थान ही नहीं बचा था और जिस हालत में वो पारित किया गया था, कोई भूल नहीं सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि काका हाथरसी का एक व्यंग्य काव्य मुझे याद आता है-

प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो,

बदल रहे अणु, कण-कण देखो।

तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो,

भाग्य वाद पर अड़े हुए हो।

छोड़ो मित्र! पुरानी डफली,

जीवन में परिवर्तन लाओ।

परंपरा से ऊंचे उठ कर,

कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ:

ब्रू जनजाति की समस्या से सभी वाकिफ

करीब 25-30 साल से ब्रू जनजाति की समस्या से सभी वाकिफ हैं। ये अनिश्चितता की जिंदगी जी रहे थे, तीन दशकों तक वे यातनाएं सह रहे थे और उनका गुनाह कुछ नहीं था। नार्थ ईस्ट में कांग्रेस और उनके मित्र दलों की सरकारें थीं। आप चाहते तो उनकी समस्य़ा पर सुखद समाचार आप ला सकते थे। इतने वर्षों के बाद उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान करने में हम सफल हुए हैं।

देश छोटी सोच से आगे नहीं बढ़ सकता

कोई भी देश छोटी सोच से आगे नहीं बढ़ सकता, हमारी युवा पीढ़ी हमसे अपेक्षा करती है कि हम बड़ा सोचें, दूर का सोचें, ज्यादा सोचें और ज्यादा ताकत से आगे बढ़ें। इसी मूल मंत्र को लेकर हम देश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

जीएसटी भारत के फेडरल स्ट्रक्चर का एक बहुत बड़ा अचीवमेंट है। अब राज्यों की भावनाओं का उसमें प्रकटीकरण होता है। हमारा मत है कि जहां समयानुकूल परिवर्तन आवश्यक हैं, परिवर्तन करने चाहिए।

हमारे महापुरुषों महान संविधान दिया

अगर हम बदलाव की बात करते हैं, तो कभी कहा जाता है कि बार बार बदलाव क्यों? हमारे महापुरुषों ने इतना महान संविधान दिया, उसमें भी उन्होंने सुधार की व्यवस्था रखी है। हर व्यवस्था में सुधार का हमेशा स्वागत होना चाहिए।

आज छोटे स्थानों पर डिजिटल ट्रांजेक्शन सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है और आधुनिक स्ट्रक्चर के निर्माण में भी टियर-2, टियर-3 शहर आगे बढ़ रहे हैं। आज रेलवे, हाइवे की पूरी श्रंखला है।

देश के आदिवासी सेनानियों को सम्मानित किया जा रहा

जल जीवन मिशन के अंतर्गत हमने घरों में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है। इसका इंपलीमेंट हमारे गांव-गांव की बॉडी करेगी, वही इसकी योजना बनाएगी और उन्हीं के द्वारा घर घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था होगी।

बीते 5 वर्षों से देश के आदिवासी सेनानियों को सम्मानित करने का काम किया जा रहा है। आदिवासियों ने देश की आजादी के लिए जो काम किया है उसके संबंधित म्यूजियम बनें, रिसर्च संस्थान बने, उसे लेकर भी काम किया जा रहा है। आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का काम किया है।

मिलिट्री पुलिस में महिलाओं की भर्ती का काम भी शुरू हो गया

महिला सशक्तिकरण के लिए देश के इतिहास में पहली बार सैनिक स्कूलों में बेटियों के दाखिले को हमने स्वीकृति दे दी है। मिलिट्री पुलिस में महिलाओं की भर्ती का काम भी शुरू हो गया है। सीएए को लेकर जो कुछ भी कहा जा रहा है, उसको लेकर सभी साथियों को खुद से सवाल पूछना चाहिए। देश को misinform करने और misguide करने की प्रवृत्ति को हमें रोकना चाहिए।

सदन में ये बताया गया कि देश के अनेक हिस्सों में प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाई गई। जो हिंसा हुई उसे ही आंदोलन का अधिकार मान लिया गया। बार-बार संविधान की दुहाई दी गई। कांग्रेस की मजबूरी समझ आती है, लेकिन केरल के लेफ्ट फ्रंट के हमारे मित्रों को समझना चाहिए कि केरल के मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है।

पाकिस्तान का हिंदू चाहे कहीं का भी नागरिक हो

राम मनोहर लोहिया जी ने कहा था कि हिंदुस्तान का मुसलमान जिए और पाकिस्तान का हिंदू जिए, मैं इस बात को बिल्कुल ठुकराता हूं कि पाकिस्तान के हिंदू, पाकिस्तान के नागरिक हैं इसलिए हमें उनकी परवाह नहीं करनी है।

पाकिस्तान का हिंदू चाहे कहीं का भी नागरिक हो, उसकी रक्षा करना हमारा उतना ही कर्तव्य है, जितना हिंदुस्तान के किसी हिंदू या मुसलमान का। हमारे समाजवादी साथी हमें माने न माने, लेकिन अब लोहिया जी को नकारने का काम न करे।

नॉन मुस्लिम जितने हैं, सब निकाल दिए जाएं

जहां तक ईस्ट पाकिस्तान का ताल्लुख है, उसका ये फैसला मालूम होता है कि वहां से नॉन मुस्लिम जितने हैं, सब निकाल दिए जाएं, वो एक इस्लामिक स्टेट है, इस्लामिक स्टेट के नाते वो सोचता है कि वहां इस्लाम को मामने वाले ही रह सकते हैं। गैर इस्लामी लोग नहीं रह सकते हैं'। ...वहां से हिंदू-ईसाई निकाले जा रहें। बौद्ध भी वहां से निकाले जा रहे हैं। ये शब्द उस महापुरुष के हैं जो देश के प्रिय प्रधानमंत्री रहे हैं, ये श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी के हैं।

अब आप उन्हें भी कम्युनल कह देंगे, उन्हें भी आप डिवाडर कह देंगे। ये बयान शास्त्री जी ने संसद में 3 अप्रैल 1964 को दिया था। कांग्रेस और उसके साथी इस देश के राष्ट्र निर्माताओं को भी वोटबैंक की राजनीति के कारण भूलने लगे हैं, ये चिंता का विषय है। जनगणना और एनपीआर सामान्य गतिविधियां है जो देश में पहले भी होती रही हैं। लेकिन जब वोटबैंक राजनीति की मजबूरी हो, तो खुद एनपीआर को 2010 में लाने वाले, आज लोगों में भ्रम फैला रहे हैं।

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