Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

126 साल बाद फिर से 'नरेंद्र' को सुनेगी पूरी दुनिया, बन रहे दुर्लभ संयोग

अमेरिका में 126 साल बाद फिर से इतिहास को दोहराया जाएगा। 1893 में नरेंद्र यानि स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को अध्यात्म और हिंदू धर्म की ताकत का अहसास कराया था। अब 2019 में नरेंद्र यानि प्रधानमंत्री मोदी विश्व को भारत की ताकत बताएंगे। जब पीएम नरेंद्र मोदी विश्व को संबोधित कर रहे होंगे तब 126 साल से जुड़े कई दुर्लभ संयोग बनेंगे।

126 साल बाद फिर से Howdy Modi Programme Pm Narendra Modi Speech Relive Memories Of Swami Vivekananda 126 year Old Speech

पीएम मोदी आज 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में दुनिया को संबोधित कर 126 साल पहले की यादों को ताजा करेंगे। 126 साल पहले यानी 11 सितंबर 1893 को नरेंद्र यानि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में 'विश्व धर्म संसद' में भाषण दिया था। जब स्वामी विवेकानंद 'विश्व धर्म संसद' में बोल रहे थे उस समय पूरा अमेरिका ठहर गया था। उस समय स्वामी विवेकानंद का भाषण पूरी दुनिया ने सुना था। धर्म संसद में दिए भाषण से स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को भारत का मुरीद बना दिया था। उसी तरह दुनिया के बेहतरीन नेताओं में शुमार पीएम मोदी (Pm Modi) आज अमेरिका (America) के ह्यूस्टन (Houston) में 'हाउडी मोदी' (Howdy Modi) प्रोग्राम के जरिए इतिहास को दोहराएंगे। अमेरिका में मेगा शो कर स्वामी विवेकानंद के तरह भारत की ताकत का अहसास कराएंगे। अमेरिकी मंच से पूरे विश्व को भविष्य की राह दिखाएंगे।

अमेरिका में दोनों नरेंद्र हुए थे तिरस्कृत



126 साल बाद भले आज पूरा विश्व स्वामी विवेकानंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत के आगे झुकता है। लेकिन एक वक्त था जब दोनों नरेंद्र को तिरस्कृत किया गया। 1893 में अमेरिका पहुंचने से लेकर धर्म संसद में भाषण देने से पहले तक नरेंद्र स्वामी विवेकानंद को तिरस्कृत किया गया । ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीति की शुरुआत में अमेरिका ने काफी तिरस्कृत किया। मोदी को उस वक्त वीजा नहीं देने वाला अमेरिका अब उनके मेगा शो का गवाह बनेगा। जहां उनके देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंच पर बैठकर मोदी का भाषण सुनेंगे।

अंदाज-ए-बयां दिलाएगा स्वामी विवेकानंद की याद

126 साल पहले यानी 11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद में भाषण की शुरुआत 'मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों' से की थी। उस वक्त पूरा अमेरिका ठहर गया। हर तरफ तालियों की गूंज थी। उनका भाषण सदा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर हो गया। जब स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका से वापस लौट रहे थे उस समय भारी संख्या में अमेरिकी लोग विदा करने के लिए उनके साथ आए थे। ठीक उसी तरह जब आज बड़ी संख्या में लोगों को पीएम मोदी संबोधित करेंगे तो स्वामी विवेकानंद के अंदाज-ए- बयां की यादें ताजा हो जाएंगी। क्योंकि नरेंद्र मोदी भी भाषण की शुरुआत 'मेरे भाइयो और बहनों' से कहते हुए करते हैं।

दुनिया की पहनावे पर रहेगी नजर





हाउडी मोदी कार्यक्रम में दुनिया की नजर प्रधानमंत्री मोदी के पहनावे पर भी रहेगी। यदि भगवा रंग पहनकर मोदी मंच पर पहुंचते हैं तो पूरी दुनिया के सामने सनातन धर्म का संदेश जाएगा। साथ ही 126 साल बाद किसी भगवाधारी के दोबारा अमेरिका पहुंचने की यादें ताजा होंगी। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाउडी मोदी में नजर आने वाला अंदाज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुए है। उनका पहनावा और हावभाव लोगों का ध्यान खींचेगा।

वाराणसी से अमेरिका तक का साथ

नरेंद्र यानि स्वामी विवेकानंद और पीएम नरेंद्र मोदी का वाराणसी से लेकर अमेरिका तक का साथ है। 19वीं सदी की शुरुआत में स्वामी विवेकानंद वाराणसी पहुंचे। जनवरी 1902 में स्वामी विवेकानंद का लंबे समय तक प्रवास रहा। उसी स्थान से करीब 102 साल बाद मोदी चुनाव लड़कर लोकसभा में पहुंचे और प्रधानमंत्री बने। अब अमेरिका में 126 साल पुराने स्वामी विवेकानंद की तरह दुनिया को संबोधित करेंगे। इस तरह स्वामी विवेकानंद और नरेंद्र मोदी का साथ वाराणसी से लेकर अमेरिका तक का हो गया है।

युवा और योग पर जोर

स्वामी विवेकानंद ने हमेशा से युवाओं की ताकत को पहचाना। इसके कारण उन्होंने युवाओं को लगातार परिश्रम करते रहने की सलाह दी। इसके अलावा जीवन में योग को शामिल करने पर भी पूरा जोर दिया। स्वामी विवेकानंद के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके अलावा पूरी दुनिया में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

Next Story
Top