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Haribhoomi-Inh Exclusive: जब प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा - क्या बीजेपी इतनी कमजोर और असहाय हो गई कि अपनी ही पार्टी के नेता द्वारा दिए गए बयान पर कार्रवाई करने से कांप रही है, जरूर देखें ये चर्चा

'मुद्दों से भटके बदजुबानी पर अटके' चर्चा में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने मध्यप्रदेश के मुद्दे को उठाया है। बता दें कि इस चर्चा में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी के साथ एआईसीसी सचिव विनीत पूनिया, कांग्रेस विधायक सुनिल सराफ, बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेई, राजनीतिक विश्लेषक विनोद अग्निहोत्री और वरिष्ठ पत्रकार राकेश अचल शामिल हुए।

Haribhoomi-Inh Exclusive: जब डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा - क्या बीजेपी इतनी कमजोर और असहाय हो गई कि अपनी ही पार्टी के नेता द्वारा दिए गए बयान पर कार्रवाई करने से कांप रही है, जरूर देखें ये चर्चा
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Haribhoomi-Inh Exclusive: जब डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा - क्या बीजेपी इतनी कमजोर और असहाय हो गई कि अपनी ही पार्टी के नेता द्वारा दिए गए बयान पर कार्रवाई करने से कांप रही है, जरूर देखें ये चर्चा

Haribhoomi-Inh Exclusive: मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में विभिन्न पार्टियों के नेता मुद्दों से भटकते नजर आ रहे हैं। राज्य में विकास के मुद्दे पर बात करने की जगह व्यक्तिगत तौर पर टिप्पणियों का दौर जारी है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा इमरती देवी को आइटम बुलाने का मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। हालांकि कमलनाथ की भाषा पर कांग्रेस हाईकमान काफी नाराज नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी कमलनाथ ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। इसके बाद बीजेपी पार्टी के नेता बिसाहूलाल सिंह भी इस रेस में कूद गए। उन्होंने विश्वनाथ सिंह की पत्नी को लेकर अपशब्द कह दिया, जिसने सियासी बवाल और ज्यादा बढ़ा दिया।

'मुद्दों से भटके बदजुबानी पर अटके' चर्चा में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने इसी मुद्दे को उठाया है। बता दें कि इस चर्चा में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी के साथ एआईसीसी सचिव विनीत पूनिया, कांग्रेस विधायक सुनिल सराफ, बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेई, राजनीतिक विश्लेषक विनोद अग्निहोत्री और वरिष्ठ पत्रकार राकेश अचल शामिल हुए।

कमलनाथ के बयान पर राहुल गांधी को भी ऐतराज

इस चर्चा के दौरान डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा कि अब तो राहुल गांधी को भी कमलनाथ के बयान से ऐतराज है। हालांकि कमलनाथ जी ऐसा नहीं मान रहे। बता दें कि प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी के सवाल और बयानों से रूबरू करवाने के बाद भी कांग्रेस प्रवक्ता सुनील सराफ कमलनाथ को बचाते हुए नजार आए। उन्होंने बीजेपी पार्टी के नेता पर ही आरोप लगाने का प्रयास किया। इस दौरान प्रधान संपादक महोदय ने तीखे सवाल किए कि अगर कमलनाथ का बयान गलत नजरिए से नहीं आया था, तो राहुल गांधी को उनकी गलती पर प्रकाश डालने की क्या जरूरत पड़ गई? मध्यप्रदेश में चुनावी हलचल के इस दौर में राहुल गांधी का अपने ही नेता को कटघरे में खड़े करना चुनाव के नजरिए से कितना सही है?

इस मामले में राजनीतिक विश्लेषक विनोद अग्निहोत्री ने राजनीतिक कर्तव्यों से रूबरू करवाया जो असल मायने में आजकल सामाजिक परिवेश में भी नहीं दिखता। ऐसे में राजनीति में ऐसी बातों के बारे में विचार करना तर्कहीन मालूम पड़ता है। क्योंकि देश की राजनीति में इतना बड़ा दिल किसी का नहीं है कि वो अपनी ही पार्टी के नेता की गलती बताए। हालांकि राहुल गांधी की ये बात काफी बेहतरीन रही कि उन्होंने अपने नेता की गलती को स्वीकार किया।

बीजेपी से डॉ हिमांशु द्विवेदी के तीखे सवाल

इस चर्चा के दौरान डॉ हिमांशु द्विवेदी ने बीजेपी नेता बिसाहूलाल सिंह पर भी सवाल उठाए। उनकी टिप्पणी और बीजेपी के मौन की चर्चा राजनीतिक गलियारे में होना स्वाभाविक है। ऐसे में प्रधान संपादक महोदय ने बीजेपी से ये सवाल किए।

1. बीजेपी पार्टी इतनी कमजोर, असहाय कब से हो गई कि बिसाहूलाल सिंह द्वारा एक पत्नी को रखैल कहकर संबोधित किया गया। लेकिन बीजेपी कहती है कि हम इसका समर्थन नहीं करते। भाजपा इतनी कमजोर हो गई कि अपने नेता के द्वारा ऐसी टिप्पणी के खिलाफ कार्रवाई करने पर भी कांप गई? हम समर्थन नहीं करते, इसके क्या मायने हैं?

2. शिवराज सिंह चौहान अपनी सरकार के जिम्मेदार मंत्री के बयान पर इतने समय से मौन क्यों हैं?

डॉ हिमांशु द्विवेदी के इन तीखे सवालों पर आज जनता बीजेपी पार्टी का पक्ष जानना चाहती है। कमलनाथ के द्वारा एक महिला को आइटम बुलाने पर बीजेपी पार्टी ने इतना बखेड़ा खड़ा किया। फिर अपने ही पार्टी के नेता द्वारा ऐसे शब्दों के इस्तेमाल पर मौन क्यों हैं? जवाब जानने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को जरूर देखें।

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