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Cyclone Vayu Live : गुजरात पर 'वायु' का दिखने लगा असर, यहां देखें पूरा लाइव मैप

Cyclone Vayu Live : पूर्वमध्‍य और पड़ोसी दक्षिण पूर्व अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर बना हवा का भारी दबाव उत्‍तर-उत्‍तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान 'वायु' (Cyclone Vayu) में बदल गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों के लिए चक्रवाती तूफान वायु की चेतावनी जारी की है। तो वहीं तूफान अब मुंबई के तटीय इलाकों पर पहुंच गया है।

Cyclone Vayu Live : गुजरात पर

Cyclone Vayu Live : पूर्वमध्‍य और पड़ोसी दक्षिण पूर्व अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर बना हवा का भारी दबाव उत्‍तर-उत्‍तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान 'वायु' (Cyclone Vayu) में बदल गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों के लिए चक्रवाती तूफान वायु की चेतावनी जारी की है। 12 घंटों में चक्रवाती तूफान के और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज चक्रवाती तूफान वायु 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के साथ सौराष्ट्र तट पर दस्तक दे सकता है। जबकि चक्रवाती तूफान के उत्‍तर की ओर बढ़ने तथा 13 जून, 2019 को तड़के वेरावल और दीव क्षेत्र के आसपास पोरबंदर तथा महुआ के बीच गुजरात तट को पार कर 110-120 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भारी चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

देखें अभी कहां पर है चक्रवात वायु...


Cyclone Vayu Live :

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने कहा कि चक्रवात वायु के मद्देनजर हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को नुकसान को कम करने और यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए, हमने पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोद और कांडला में हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन को बंद करने का फैसला किया है जो आज मध्यरात्रि से लेकर कल आधी रात तक होगा।

पश्चिम रेलवे ने बताया है कि वायु चक्रवात से प्रभावित तटीय क्षेत्रों के यात्रियों को बाहर निकालने के लिए लिए राजकोट डिवीजन, भावनगर डिवीजन और वेरावल में आज तीन विशेष ट्रेनें चलने वाली हैं।

पहले की 15 ट्रेनों के अलावा, 25 और मेनलाइन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि पहले की 16 ट्रेनों के अलावा, 12 अन्य मेनलाइन ट्रेनों को वायू चक्रवात वाले इलाकों में एहतियात के तौर पर आंशिक रद्द करने के साथ ही समाप्त कर दिया जाएगा।

अमित शाह ने कहा कि चक्रवात वायु के पोरबंदर और दीव के बीच गुजरात तट को पार करने की उम्मीद है, मैं लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। गृह मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क में हैं। एनडीआरएफ ने 52 टीमों को तैनात किया है।


पोरबंदर में चौपाटी बीच पर चक्रवात वायु के कारण भूस्खलन के बाद तेज हवाएं चल रही हैं।

सोमनाथ मंदिर के पास तेज व धूल भरी आंधी, बारिश होने की संभावना। वहींगुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) ने 10 प्रभावित क्षेत्रों से आज दोपहर 12 बजे तक कुल 1,64,090 लोगों को बाहर निकाला है।

एनडीआरएफ की टीम द्वारका बीच से नागरिकों व मछुआरों को हटाती हुई।


चक्रवात तूफान के बाद कल गुजारत में भूस्खलन को लेकर अलर्ट जारी। आज दोपहर बाद द्वारका, सोमनाथ, सासन, कच्छ के पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।


मुंबई के तटीय इलाकों से गुजर रहा वायु चक्रवात तूफान, इस तूफान की रफ्तार 135 किलोमीटर बताई जा रही है। इसके बाद तूफान गुजरात में दस्तक देगा।

गुजरात के सीएम विजय रूपानी ने कहा कि मैं गुजरात, द्वारका, सोमनाथ, सासन, कच्छ आने वाले पर्यटकों से अनुरोध करता हूं कि आप 12 जून तक सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ। यदि यह संभव है, तो आप वापस जा सकते हैं। #सीक्लोनेवायु

गुजरात: IAF C-17 विमान NDRF की टीम के साथ जामनगर में उतरे NDRF की टीम #CycloneVayu से प्रभावित लोगों के लिए गुजरात में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशन चलाएगी।


भारत मौसम विभाग: 14 जून 2019 के दौरान सौराष्ट्र-कच्छ अर्थात् राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, मोरबी, द्वारका और कच्छ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।



आईएमडी: सौराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों जूनागढ़, अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सौराष्ट्र के राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, द्वारका, भावनगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।



आईएमडी: सौराष्ट्र ता अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ, जूनागढ़ और दीव में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 12 जून को नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा नगर हवेली में दक्षिण गुजरात क्षेत्र के जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। #सीक्लोनेवायु



भारत मौसम विभाग: 12 वीं और 13 जून 2019 के दौरान उत्तर गुजरात क्षेत्र के बनासकांठा और साबरकांठा, गुजरात में अलग-थलग स्थानों पर गरजती हवा (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ गरज और बिजली के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। #सीक्लोनेवायु

हवा की चेतावनी :

12 जून : पूर्वमध्‍य तथा पड़ोसी उत्‍तर पूर्व अरब सागर के ऊपर 12 जून की रात्रि तक हवा की गति 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। 12 जून को सुबह से गुजरात तट के ऊपर हवा की रफ्तार 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है और 12 जून को रात्रि तक हवा की गति 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। महाराष्‍ट्र तट के ऊपर हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे होने की संभावना है।

13 जून : सुब‍ह के समय उत्‍तर अरब सागर तथा गुजरात तट के ऊपर हवा की रफ्तार 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है और उसके बाद रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है। संभावना है कि उत्‍तर महाराष्‍ट्र तट तथा पूर्वमध्‍य अरब सागर के उत्‍तरी हिस्‍सों के ऊपर हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी।


समुद्र की स्थिति :

पूर्वमध्‍य अरब सागर के ऊपर 11 जून को समुद्र की स्थिति कठिन से काफी कठिन हो सकती है। 12 जून की शाम से पूर्वमध्‍य तथा पड़ोसी उत्‍तर पूर्व अरब सागर तथा गुजरात तट के ऊपर समुद्री स्थिति अत्‍यंत गंभीर हो सकती है और 13 जून को उत्‍तर अरब सागर के ऊपर समुद्र की स्थिति बहुत खराब हो सकती है।

11 जून को समुद्र की स्थिति लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल, कर्नाटक तथा दक्षिण महाराष्‍ट्र तटों के ऊपर कठिन हो सकती है। 12 जून को महाराष्ट्र तट के पास तथा उससे दूर समुद्री स्थिति बहुत कठिन होगी और 13 जून को गुजरात, उत्‍तर महाराष्‍ट्र तट तथा पूर्वमध्‍य अरब सागर के उत्‍तरी भागों के ऊपर समुद्र की स्थिति काफी कठिन हो सकती है।


मछुआरों को चेतावनी :

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 11 जून को दक्षिण पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल तथा कर्नाटक तटों से समुद्र में प्रवेश नहीं करें। 11 और 12 जून के लिए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे पूर्वमध्‍य अरब सागर और महाराष्‍ट्र तट के पास और दूर से समुद्र में प्रवेश न करें। मछुआरों को 12 और 13 जून के लिए सलाह दी गई है कि वे उत्‍तर पूर्व अरब सागर तथा गुजरात तट और उससे दूर समुद्र में न जाएं।

तूफान बढ़ने की चेतावनी :

तूफान की ऊंचाई खगोलीय ज्‍वार से 1.0-1.5 मीटर अधिक होने के कारण कच्‍छ, दवारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर सोमनाथ, अमरेली तथा भावनगर जिले के निचले इलाके तूफान के जमीन से टकराने के समय जलमग्‍न हो सकते है।

गुजरात के कच्‍छ, द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, जूनागढ़, दीव, गिर सोमनाथ, अमरेली तथा भावनगर जिलों में नुकसान की आशंका है और कार्रवाई के लिए सुझाव दिये गये हैं :

छप्‍पर वाले घरों और झोपडि़यों को भारी नुकसान, छतें हवा में उड़ सकती हैं।

विद्युत तथा संचार लाइनों को थोड़ा नुकसान

कच्‍ची सड़कों को भारी नुकसान और पक्‍की सड़कों को कुछ नुकसान, निकलने वाले रास्‍तों में बाढ़।

पेड़ की शाखाओं का टूटना, बड़े पेड़ों का उखड़ना, केला तथा पपीते के पेड़ों को साधारण नुकसान, पेड़ों से सूखे तनों का उड़ना,

तटवर्ती फसलों को भारी नुकसान

तटबंधों/नमक की खेत की क्‍यारियों को नुकसान

सुझाएं गये कदम :

मछली मारने की कार्रवाई पूरी तरह स्‍थगित

तटों पर झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाना

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घरों के अंदर रहने को कहना।

मोटर-बोट चालन असुरक्षित।

भारी वर्षा तथा तूफान की तेजी से तटों के पास निचले इलाकों का जलमग्‍न होना।

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