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केंद्र ने किसान मोर्चा की मांगों पर लिखित में दिया जवाब, इन मांगोंं पर मोदी सरकार राजी

किसान नेताओं को मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) का पत्र मिला। जिसमें उन्होंने आंदोलन खत्म करने की अपील की है।

केंद्र ने किसान मोर्चा की मांगों पर लिखित में दिया जवाब, इन मांगोंं पर मोदी सरकार राजी
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तीन कृषि कानूनों के निरस्त (Farm Law Repeal) होने के बाद किसान नेताओं को मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) का पत्र मिला। जिसमें उन्होंने आंदोलन खत्म करने की अपील की है। साथ ही चिट्ठी में किसानों से घर वापसी का आग्रह किया है। वहीं किसानों की बैठक (Farmers Meeting) से खबर है कि जल्द ही किसान आंदोलन खत्म की घोषणा हो सकती है।

किसान आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक चल रही है। किसानों द्वारा गठित 5 सदस्यीय समिति को सरकार की ओर से बातचीत का कोई आमंत्रण नहीं मिला, जिससे किसानों में रोष है। ऐसे में समिति के सभी सदस्य सिंघु बॉर्डर पर आपात बैठक कर रहे हैं। जबकि सरकार को किसान मोर्चा की तरफ से लिखे गए पत्र के जवाब पर गृह मंत्रालय जबाल दिया गया है

ये है चिट्ठी में लिखा सरकार का प्रस्ताव

1. एमएसपी के मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा के बाद कृषि मंत्री से पुष्टि के बाद, केंद्र सरकार द्वारा सदस्य राज्यों, कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों के साथ एसकेएम के प्रतिनिधित्व के साथ एक समिति गठित की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके।

2. केंद्र सरकार इस बात की पुष्टि करती है कि यूपी और हरियाणा किसानों के खिलाफ सभी मामले वापस लेने पर सहमत हो गए हैं।

3. केंद्र सरकार शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसानों के खिलाफ सभी आपराधिक मामलों को वापस लिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने अन्य गैर भाजपा शासित राज्यों से भी इसका पालन करने का अनुरोध किया है। पंजाब पहले ही प्रभावित किसान परिवारों को मुआवजे की घोषणा कर चुका है।

4. मुआवजे के मामले में यूपी/हरियाणा सरकार एसकेएम के साथ समझौते/वार्ता के अनुसार मुआवजा देने के लिए तैयार है।

5. विद्युत संशोधन विधेयक 2020 पर भारत सरकार ने सभी हितधारक राज्यों से बात करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

6. एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन विधेयक 2021, धारा 14 और धारा 15 (जो प्रदूषण पैदा करने के लिए दंड का प्रावधान करता है) को गैर-आपराधिक घोषित करता है, वहीं पराली जलाने वाले किसानों पर लागू नहीं होगा।

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