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IAF के जंगी बेड़े में शामिल होंगे ये 114 नए लड़ाकू विमान, राफेल से भी बड़ी डिफेंस डील

भारतीय वायुसेना राफेल लड़ाकू विमानों के बाद अबतक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा करने जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सौदा 1500 करोड़ डॉलर का होगा। वायुसेना उम्मीद कर रही है कि इन विमानों की खरीद प्रक्रिया में जल्द पूरी होगी, इसमें राफेल की तरह दस साल से ज्यादा का समय नहीं लगेगा। वायुसेना 114 नए लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है। इन विमानों की खरीद रुस और अमेरिका से की जाएगी।

IAF के जंगी बेड़े में शामिल होंगे ये 114 नए लड़ाकू विमान, राफेल से भी बड़ी डिफेंस डील

भारतीय वायुसेना राफेल लड़ाकू विमानों के बाद अबतक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा करने जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सौदा 1500 करोड़ डॉलर का होगा। वायुसेना उम्मीद कर रही है कि इन विमानों की खरीद प्रक्रिया में जल्द पूरी होगी, इसमें राफेल की तरह दस साल से ज्यादा का समय नहीं लगेगा। वायुसेना 114 नए लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है। इन विमानों की खरीद रुस और अमेरिका से की जाएगी।

खबरों के मुताबिक राफेल अनुबंध 126 से 36 होने के बाद वायुसेना 114 नए विमानों की खरीद के लिए वैश्विक बाजार का रुख कर रही है। अब इस अनुबंध को हासिल करने की दौड़ में बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, यूरोफाइटर, रशियन यूनाइटेड एयक्राफ्ट कॉर्पोरेशन और साब जैसी कंपनिया शामिल हैं। इन कंपनियों ने इससे पहले मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट नीलामी प्रक्रिया में भाग लिया ता। भारत से ऑर्डर हासिल करने के लिए अच्छे ऑफर भी दिए थे।

उल्लेखनीय है भारतीय वायुसेना के कई लड़ाकू विमान पुराने हो चुके हैं। भारतीय वायुसेना में शामिल मिग-21 कई दशक पुराना हो गया है जिनका इस्तेमाल आज भी किया जा रहा है। वायुसेना चाहती है कि इन विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए। लेकिन खरीद प्रक्रिया में देरी और अन्य कारणों से इनका विकल्प होने में देरी हो जाती है।

वायुसेना को अगले माह पहला राफेल लड़ाकू विमान मिलेगा जबकि चार साल में सभी छत्तीस राफेल विमान मिल जाएंगे। वायुसेना इसके अलावा रुस के सुखोई-29, एसयू-30 एमकेआई को खरीदने पर भी विचार बना रही है।

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