कटक : ओडिशा के कटक स्थित प्रसिद्ध SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में स्थित ट्रॉमा केयर ICU में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से 10 मरीजों की मौत हो गई है।
यह हादसा सोमवार सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब अस्पताल में ज्यादातर लोग सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मौजूद मरीजों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
Cuttack, Odisha: A fire broke out in the Trauma Care ICU of SCB Medical College at 2:30 AM. Patients were safely shifted, three fire tenders controlled the blaze pic.twitter.com/nOTxS7t4My
— IANS (@ians_india) March 16, 2026
तड़के 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर भड़की आग
प्रत्यक्षदर्शियों और दमकल विभाग के अनुसार, आग सोमवार तड़के करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर लगी। कुछ ही मिनटों में जहरीला धुआं पूरी ICU वार्ड में भर गया। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।
धुएं और आग की तेज लपटों के कारण दम घुटने और झुलसने से 7 मरीजों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि 3 की अस्पताल में जान चली गई। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत बिजली आपूर्ति काट दी और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
दमकल विभाग और अस्पताल कर्मचारियों का रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की खबर मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मियों ने त्वरित बचाव कार्य शुरू किया। दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर लगाया गया, जिन्होंने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया।
जो मरीज आग से बच गए थे लेकिन उनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत 'न्यू मेडिसिन ICU' में शिफ्ट किया गया है ताकि उनका इलाज बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यक्त की संवेदना
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी कटक पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों के साथ बैठक की और प्रभावित वार्ड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।
Odisha Chief Minister Mohan Charan Majhi visited S.C.B. Medical College and Hospital in Cuttack this morning and held a discussion with the hospital authorities and Police officers. A fire broke out in the Trauma Care ICU here.
— ANI (@ANI) March 16, 2026
(Pics: Odisha CMO) https://t.co/o3FurMyuwV pic.twitter.com/auguQlaQbS
उनके साथ स्वास्थ्य सचिव, जिला कलेक्टर और डीसीपी भी मौजूद रहे, जो राहत और बचाव कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे थे। राज्य सरकार ने इस अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मौजूद मरीजों के लिए काल बना धुआं
यह हादसा इसलिए भी अधिक गंभीर हो गया क्योंकि ICU में भर्ती मरीज अपनी जगह से हिलने-डुलने में असमर्थ थे। आग लगने के दौरान फैली जहरीली गैस और धुएं ने वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों के लिए काल का काम किया। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उन्होंने अग्निशमन उपकरणों का उपयोग किया, लेकिन आग की तीव्रता और धुएं के गुबार ने बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न की।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े अस्पतालों के फायर सेफ्टी ऑडिट और इमरजेंसी प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










