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पश्चिम बंगाल मे साल 2021 में जहां 8 चरणों में चुनाव हुए थे, वहीं 2026 में यह सिर्फ 2 चरणों (23 और 29 अप्रैल) में सिमट जाएगा।

कोलकाता : भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंक दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बंगाल के लिए विशेष चुनावी कार्यक्रम का ऐलान किया।

इस बार सबसे बड़ा बदलाव मतदान के चरणों को लेकर किया गया है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में जहाँ बंगाल में 8 चरणों में वोट डाले गए थे, वहीं इस बार इसे घटाकर मात्र 2 चरण कर दिया गया है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को चुनावी नतीजों की घोषणा की जाएगी।

​क्यों कम किए गए मतदान के चरण

​मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि चरणों की संख्या को 8 से घटाकर 2 करने का निर्णय आयोग के भीतर लंबी और विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों के हितों और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से आकलन करने के बाद यह फैसला लिया गया ताकि सबको सहूलियत हो।

चुनाव आयोग का मानना है कि चरणों की संख्या कम करने से चुनावी प्रक्रिया की अवधि छोटी होगी, जिससे प्रशासनिक मशीनरी और मतदाताओं दोनों को सुविधा होगी। यह निर्णय पूरी तरह से राज्य की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा बलों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

​दो चरणों का पूरा शेड्यूल और सीटों का गणित

​चुनाव आयोग के अनुसार, बंगाल की सभी 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें बाकी बची 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

आयोग ने बताया कि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत वेब प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पल-पल की निगरानी रखी जा सके।

​6.44 करोड़ मतदाता तय करेंगे बंगाल का भविष्य

​पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी मैदान काफी बड़ा है। 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 6.44 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। इन मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य भर में भारी संख्या में मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि न केवल बंगाल बल्कि सभी पांच चुनावी राज्यों को मिलाकर कुल 17.4 करोड़ मतदाता इस लोकतांत्रिक उत्सव में भाग लेंगे, जिनके लिए 2.19 लाख से अधिक मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं।

​राजनीतिक सरगर्मी और अन्य राज्यों का हाल

​चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। बंगाल के साथ-साथ असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

सभी राज्यों की मतगणना एक साथ 4 मई को होगी। चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डाक मतपत्रों की गिनती, ईवीएम के वोटों की गिनती से दो चरण पहले शुरू कर दी जाएगी।

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