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NTA Director General Subodh Kumar removed: एनटीए के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हालिया पेपर ली कंट्रोवर्सी के बाद पद से हटा दिया गया है। प्रदीप सिंह खरोला को नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। NTA, जेईई, नीट और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाएं आयोजित करता है।

NTA Director General Subodh Kumar removed: एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। सरकार ने हाल में सामने आए पेपर लीक कंट्रोवर्सी के बाद यह सख्त फैसला लिया है। हाल के दिनों में NEET UG और CSIR UGC NET समेत कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। ये दोनों ही परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। 

सुबोध कुमार सिंह को अनिवार्य वेट पर भेजा
सुबोध कुमार सिंह को अनिवार्य वेट पर भेज दिया गया है। भारतीय व्यापार प्रचार संगठन के चेयरमैन और एमडी प्रदीप सिंह खरोला को एनटीए के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। खरोला अस्थायी रूप से इस पद की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार की ओर से अभी तक इस पद का पूर्ण प्रभार

एनटीए आयोजित कराता है प्रमुख परीक्षाएं

  • एनटीए द्वारा आयोजित कुछ प्रमुख परीक्षाओं में जेईई मेन और एडवांस (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं), नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा – मेडिकल), सीयूईटी (केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा), यूजीसी नेट (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) शामिल हैं।
  • इसके अलावा, यह संस्था विभिन्न राज्य पात्रता परीक्षाओं (NET SET), जूनियर रिसर्च फैलोशिप (JRF) परीक्षा, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस पीजी एंट्रेस एग्जाम (AIIMS PG) और इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (आईजीएनओयू) की परीक्षाओं का भी आयोजन करती है।
  • एनटीए CMAT और GPAT जैसी परीक्षाएं भी आयोजित कराती है। सीमैट देश के प्रबंधन संस्थानों में एडमिशन के लिए और जीपैट फार्मेसी संस्थानों में मास्टर्स प्रोग्राम में दाखिले के लिए कराए जाते हैं।

कैसी होती है एनटीए की टीम
एनटीए के पास शिक्षा प्रशासकों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और मूल्यांकन डेवलपर्स की एक टीम होती है। इस टीम में टेस्ट आइटम राइटर्स, शोधकर्ता और मनोचिकित्सक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल होते हैं।

क्या है एनटीए (National Testing Agency)?
एनटीए (National Testing Agency - NTA) एक स्वायत्त संस्था है। इसकी स्थापना 2017 में हुई थी। मुख्य रूप से यह उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का काम करता  है। एनटीए की स्थापना भारतीय संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत हुई थी। यह देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकिरियों में भर्ती के लिए उम्मीदवारों की योग्यता का आकलन करता है। इसके लिए कुशल, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के आधार पर टेस्ट ऑर्गनाइज करता है। 

क्यों विवादों में घिरा है एनटीए (National Testing Agency - NTA)?
हाल के दिनों में एनटीए कई कारणों से विवादों में घिरा है।  आइए, जानतें हैं चार बड़ी वजह जिसके कारण एनटीए विवादों में है। देश की सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाली इस परीक्षा कराने वाली एजेंसी की प्रतिष्ठा का नुकसान पहुंचा है। 

  1. पारदर्शिता की कमी: एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया है, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 
  2. पेपर लीक: नीट-यूजी 2024 के पेपर लीक होने की खबरें सामने आई हैं। जिसके कारण एनटीए की संस्था की प्रतिष्ठा पर सवाल उठे हैं। बिहार पुलिस ने पेपर लीक मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी की है। 
  3. नियंत्रण काे लेकर विवाद:  एनटीए भारतीय संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत स्थापित एक स्वायत्त संस्था है. इसका मतलब है कि यह सरकार से स्वतंत्र है लेकिन सरकार के नियंत्रण में काम करती है। इसे लेकर भी विवाद है
  4. एनटीए में सुधार की मांग: हाल के दिनों में कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आने के बाद एनटीए में सुधार की मांग उठ रही थी। अब  शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। 
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