Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

जानिए बच्चों में रीडिंग हैबिट के फायदे और डेवलप करने के तरीके

आजकल के बच्चे ज्यादातर मोबाइल, टैब पर ई-बुक्स पढ़ते हैं। लेकिन एक रिसर्च के अनुसार ई-बुक्स के बजाय किताबों से पढ़ने से बच्चे का मानसिक विकास ज्यादा बेहतर होता है। जानिए, बुक रीडिंग के फायदे और कैसे डेवलप करें बच्चों में रीडिंग की हैबिट।

जानिए बच्चों में रीडिंग हैबिट के फायदे और डेवलप करने के तरीकेBenefits of Reading Habit in Children and Ways to Develop In Hindi

सीमा ने अपने 10 साल के बेटे को रीडिंग हैबिट डालने के लिए उसका रुझान किताबों की तरफ करना चाहा। लेकिन बेटे ने कहा कि वह मोबाइल या टैब पर ई-बुक्स पढ़ेगा। सीमा को लगा कि टेक्नोलॉजी के सहारे ही सही, बच्चा पढ़ने में इंट्रेस्ट तो लेगा ही, ऐसे में उसने बेटे को टैब या मोबाइल पर ई-बुक्स पढ़ने की छूट दे दी। लेकिन कुछ समय बाद सीमा ने पाया कि बेटा बुक्स रीडिंग की बजाय टैब, मोबाइल पर गेम्स, नेट सर्फिंग में ज्यादा इंवॉल्व हो गया। सीमा को अपने फैसले पर पछतावा हुआ, उसे लगा कि बच्चे को किताबों से दोस्ती कराती तो यह सिचुएशन कभी नहीं आती। आजकल सीमा जैसी समस्या कई पैरेंट्स फेस करते हैं। उन्हें समझ नहीं आता है कि बच्चों की दोस्ती किस तरह किताबों से करवाई जाए और टेक्नोलॉजी के ज्यादा इंवॉल्वमेंट से उन्हें कैसे दूर किया जाए। लेकिन पैरेंट्स चाहें तो सब कुछ मुमकिन है, बस उन्हें बच्चों को बुक रीडिंग के फायदे बताने होंगे। साथ ही बच्चों में बुक रीडिंग को लेकर इंट्रेस्ट पैदा करना होगा।




बुक रीडिंग के फायदे

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि जो पैरेंट्स अपने बच्चों को किताबों की जगह ई-बुक से पढ़ाते हैं या पढ़ने को कहते हैं, उन बच्चों का ध्यान पढ़ाई से ज्यादा टेक्नोलॉजी पर रहता है। जबकि बुक से पढ़ाने से बच्चों का मेंटल डेवलपमेंट ज्यादा अच्छे से होता है।

इस स्टडी की शोधकर्ता डॉक्टर मुनजर कहती हैं, 'जब पैरेंट्स बच्चों को पढ़ाते हैं तो उनमें लैंग्वेज स्किल्स डेवलप होती है। साथ ही पैरेंट्स-बच्चों की बॉन्डिंग भी स्ट्रॉन्ग होती है। लेकिन ऐसा तभी होता है, जब बच्चों को किताबों से पढ़ाया जाए।

दरअसल, बच्चों को किताबों से पढ़ने से जो अनुभव मिलते हैं, वो लंबे समय तक याद रहते हैं। इसके अलावा बच्चों का दिमाग भी बेहतर ढंग से विकसित हो पाता है, जिससे वे नई बातें जल्दी और आसानी से सीख पाते हैं। आप भी अगर बच्चों को ई-बुक्स से पढ़ाने की सोच रखती हैं तो एक बार फिर इस बात पर विचार कर लें।



अपनाएं ये ट्रिक्स

बच्चों को बुक रीडिंग की हैबिट डलवाने के लिए इन बातों को आप आजमा सकती हैं।

-अपने बच्चे को रोज अच्छी और नई-नई किताबों से रूबरू करवाएं। यह किसी भी तरह की किताबें हो सकती हैं, जैसे जानवरों की कहानी से लेकर हिस्टोरिकल, फेयरीटेल।

- बच्चे को उसी की उम्र के हिसाब से किताबें दें। इसके लिए आप अपने बच्चे से भी पूछ सकती हैं कि वह किस तरह की किताबों को पसंद करता है। बच्चे पर अपनी पसंद की किताब बिल्कुल न थोपें। ऐसा करने पर वह बुक रीडिंग में इंट्रेस्ट नहीं लेगा।

- बच्चे में अगर बुक रीडिंग की आदत डालनी है तो घर में भी ऐसा ही माहौल बनाना होगा। जब बच्चे पैरेंट्स को पढ़ते देखते हैं तो वे भी इसमें इंट्रेस्ट लेते हैं।

- बच्चा जो किताब पढ़ रहा है, समय-समय पर उसके बारे में उससे डिस्कशन करें।

- बच्चे के जन्मदिन पर उसे एक किताब जरूर दें, इससे उसे किताबों की अहमियत पता चलेगी।

लेखिका - श्वेता सिंह

Next Story
Share it
Top