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Eye Dryness Causes: आंखों में सूखापन आना कई कारणों से हो सकता है। अगर ये लक्षण कुछ दिनों तक रहें तो हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेना चाहिए।

Eye Dryness Causes: आज के डिजिटल दौर में घंटों मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के सामने बिताना आम हो गया है। लेकिन इस लाइफस्टाइल का सबसे बड़ा असर हमारी आंखों पर पड़ रहा है। आंखों में जलन, खुजली या सूखापन (ड्राईनेस) को लोग अक्सर मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है।

डॉक्टर्स के अनुसार, आंखों की ड्राईनेस सिर्फ एक छोटी तकलीफ नहीं, बल्कि कई गंभीर समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आपकी आंखों की रोशनी तक को प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं ड्राई आंखों से जुड़े खतरे और बचाव के आसान उपाय।

क्या है आंखों की ड्राईनेस?

आंखों की ड्राईनेस तब होती है जब आंखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू (टियर्स) नहीं बनते या उनकी क्वालिटी सही नहीं होती। इससे आंखों में नमी की कमी हो जाती है और जलन, खुजली या लालिमा जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

किन समस्याओं का संकेत हो सकती है ड्राईनेस?

ड्राई आई सिंड्रोम
लगातार आंखों में सूखापन इस समस्या का मुख्य लक्षण हो सकता है। इसमें आंखें जल्दी थक जाती हैं और देखने में भी दिक्कत होती है।

आंखों का इंफेक्शन
ड्राईनेस के कारण आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा कम हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया या वायरस का खतरा बढ़ जाता है।

एलर्जी की समस्या
अगर आंखों में खुजली और पानी आना साथ में हो रहा है, तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है।

नजर कमजोर होना
लंबे समय तक ड्राईनेस रहने पर आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है।

डिजिटल आई स्ट्रेन
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की नमी कम हो जाती है, जिससे सिरदर्द और आंखों में दर्द भी हो सकता है।

ड्राई आंखों के मुख्य कारण

ज्यादा समय तक स्क्रीन पर काम करना
कम पानी पीना
प्रदूषण और धूल
एसी या हीटर में ज्यादा समय बिताना
उम्र बढ़ना
कुछ दवाइयों का असर

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कैसे करें बचाव?

20-20-20 रूल अपनाएं
हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।

पर्याप्त पानी पिएं
शरीर में पानी की कमी भी ड्राईनेस का कारण बन सकती है, इसलिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें
डॉक्टर की सलाह से आर्टिफिशियल टियर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्क्रीन टाइम कम करें
जहां तक हो सके, मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग सीमित करें।

आंखों को साफ रखें
धूल और गंदगी से बचाव के लिए आंखों को समय-समय पर साफ पानी से धोएं।

डॉक्टर से कब मिलें?

अगर आंखों में सूखापन लंबे समय तक बना रहे, दर्द हो या नजर धुंधली होने लगे, तो तुरंत आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। देर करने से समस्या गंभीर हो सकती है।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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(लेखक:कीर्ति)
 

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