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धार्मिक ही नहीं सामाजिक महत्व भी है नवरात्र का, जानिए- कैसे करें स्वस्थ उपवास

अपना हेल्थ चेकअप करवा कर डॉक्टर और डाइटीशियन की सलाह से ही उपवास करें।

धार्मिक ही नहीं सामाजिक महत्व भी है नवरात्र का, जानिए- कैसे करें स्वस्थ उपवास

नई दिल्ली. उपवास भूख-प्यास पर नियंत्रण रखना ही नहीं सिखाता, बल्कि शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और पाचन तंत्र को आराम देने में भी मदद करता है। इस नवरात्र के मौके पर उपवास को अपनी ताकत बनाएं, न कि सेहत का दुश्मन।
साल में दो बार नवरात्र आते हैं। एक बार सर्दी से गर्मी की ओर जाते हुए और दूसरी बार गर्मी से सर्दी की ओर खिसकते हुए।
विज्ञान का मानना है कि इस बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने आप कमजोर हो जाती है। उसे ही ध्यान में रखते हुए उपवास करने और खान-पान में परिवर्तन लाने के लिए व्रत की व्यवस्था बनाई गई है। आप रोजमर्रा से अलग संतुलित और नियंत्रित, पौष्टिक और हल्का खाना खाएंगे तो शरीर और मन, दोनों को नई ऊर्जा मिलेगी। दूसरी तरफ सामाजिक परिवेश की बात करें तो दोनों ही बार फसल बोने का समय होता है। ऐसे मौके पर गेहूं और चावल जैसे खाद्यानों को नमन कर उन्हें आराम देने और अन्य खाद्य पदार्थों को खाने की सलाह दी जाती है।
विज्ञान का मानना है कि हमारे स्वास्थ्य के साथ मन को प्रसन्न व शांत रखने में इन उपवासों का अहम योगदान है। उपवास के दौरान विषैले तत्वों का जमाव होना बंद हो जाता है और शरीर में पहले से जमा विषैले तत्व तेजी से बाहर निकलने लगते हैं। यही शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन कहलाता है। इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और हल्का लगने लगता है।
दो तरह के उपवास
निराहार या फलाहार रह कर नवरात्र का व्रत रखने की परंपरा हिंदू समाज में रही है। निराहार में केवल पानी और एक जोड़ा लौंग का प्रावधान है। फलाहार उपवास में फलाहारी वस्तुओं को अपने भोजन में शामिल किया जा सकता है तथा मितहारी में शुद्ध और शाकाहारी भोजन एक समय करने का विधान है। यदी आप उपवास के बहाने वजन कम करने की भी इच्छा रखते है तो पकौड़ों और पूरी की प्लेट की तरफ हाथ न बढ़ाएं।
विशेषज्ञों की राय
उपवास शरीर की क्लींजिंग का आसान माध्यम है। यह शरीर के सिस्टम को साफ कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। लेकिन अपनी पूरी देखरेख के साथ उपवास करें। गलत तरीके से भूखे रह कर या असंतुलित तले भोजन से व्रत रख कर आप परेशानी में पड़ जाएंगे। ब्रेन को नियमित सप्लाई मिलती है ग्लूकोज से, जो खाने से मिलता है। जब आप चार से आठ घंटे भूखे रहते हैं तो यह सप्लाई बाधित होती है। इससे ऊर्जा की कमी, थकान, बालों के गिरने जैसी परेशानियां होने लगती हैं।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, क्या खाएं उपवास में-
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