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Long Pepper Benefits / पिप्पली के फायदे

  • Long Pepper Benefits / पिप्पली के फायदे: पिप्पली भूख बढ़ाने, पाचन शक्ति, पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त, हैजा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी, फेफड़ों की समस्या, सिरदर्द, दांत दर्द, कोमा, मिर्गी, बुखार, आघात, नींद न आना (अनिद्रा), कुष्ठ रोग, अत्यधिक थकान, बढ़े हुए प्लीहा, मांसपेशियों में दर्द, नाक से पानी निकलना, पक्षाघात, सोरायसिस, आंतों के कीड़े और विटामिन बी 1 की कमी की पूर्ति के लिए उपयोगी है।
  • पिप्पली में कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन अमिनो एसिड, विटामिन,एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्वों के अलावा मिनरल्स और कुछ मात्रा में पानी और ऑक्सीजन पाई जाती है। पिप्पली में मौजूद पौषक तत्व शरीर में नए ऊतकों को बनाने और उनकी मरम्मत करने के साथ शरीर को ऊर्जा देने के लिए कारगर साबित होती है। पिप्पली तासीर से बेहद गर्म होती है, जिसकी वजह से इसका बेहद कम मात्रा में सेवन करना लाभकारी होता है। जानिए पिप्पली के फायदे।

Pepli Ke Fayde : पिप्पली के फायदेपिप्पली के फायदे

Long Pepper Benefits : आमतौर पर भारत में पिप्पली का उपयोग घरों में खाना बनाने वाले एक मसाले के रुप में किया जाता है, लेकिन अधिकांश लोग इसके औषधीय गुणों से अनजान हैं, ऐसे में हम आपको पीपली क्या है, पिप्पली की तासीर,पिप्पलीका उपयोग कैसे करें, पिप्पली के लाभ और नुकसान आदि से जुड़े रोचक तथ्य लेकर आएं हैं। जिन्हें जानकर आप घर में ही स्वयं को और अपनों को स्वस्थ रख सकेगें। क्योंकि पीपली का सेवन पाचन संबंधी विकार, एनीमिया, सांस के रोग, अनिद्रा, वजन कम होना, सूजन को खत्म करने में रामबाण साबित होता है। आइए जानते हैं पिप्पली के फायदे (Long Pepper Benefits)...


पिप्पली क्या है

पिप्पली लंबा और काले रंग का एक मसाला है। जिसका स्वाद काली मिर्च की तरह तीखा होता है। इसे लंबी काली मिर्च या पीपली के नाम से जाना जाता है, जबकि इंग्लिश में पाइपर लौंगम (Long Pepper) कहा जाता है। पीपली की तासीर बेहद गर्म होती है। जिसकी वजह से प्राचीन काल से ही पीपली का उपयोग आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के रुप में औषधि बनाने के लिए किया जाता है। पीपली पिपरेसी नामक लता का फल होता है।


पिप्पली का उत्पादन

पिप्पली का उत्पादन सबसे पहले लगभहग 2000 साल पूर्व भारत में शुरु माना जाता है। आज भारत के मध्य हिमालय से लेकर असम, पश्चिम बंगाल की निचली पहाड़ियों, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिमी घाट में पीपली का उत्पादन किया जाता है। जबकि भारत के अलावा दुनिया में ग्रीस, अमेरिकी उपमहाद्वीप, स्पेन और यूरोप उगाई जाती है।


पिप्पली के पौषक तत्व

कार्बोहाइड्रेट

वसा

प्रोटीन

अमिनो एसिड

विटामिन

मिनरल्स


पिप्पली का उपयोग

पीपली चूंकि एक मसाला है, तो इसका आमतौर पर खाना बनाने में किया जाता है, लेकिन तासीर बेहद गर्म होने की वजह से बहुत ही कम मात्रा में इसका सेवन किया जाता है। इसके अलावा पीपली का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने के लिए किया जाता है। पीपली को शरीर के त्रिदोष (कफ, पित्त और वात) को खत्म करने के लिए आयुर्वेद में रामबाण माना जाता है।


पिप्पली के फायदे / Long Pepper Benefits

1. पाचन संबंधी विकारों में मदद

अगर आप पाचन संबंधी विकारों यानि गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्या से पीड़ित है, तो ऐसे में पीपली के काढ़े का दिन में एक बार सेवन करने से लाभ मिलता है। क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल्स और अन्य पौषक तत्व शरीर से वात की समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है।

2. अनिद्रा

अगर आप रात में बार-बार नींद टूटने या नींद नहीं आने की समस्या से परेशान हैं, तो ऐसे में आप रात को सोते समय बेहद ही कम मात्रा में पीपली से बने चूर्ण का शहद के साथ सेवन करें। आप इस उपाय को सप्ताह में 2-3 बार ही करें।

3. सांस संबंधी रोगों में कारगर

अगर आप सांस संबंधी रोगों यानि अस्थमा या जल्दी-जल्दी सांस फूलने की समस्या के साथ रेस्पेरेएटरी इंफेक्शन से पीड़ित हैं, तो ऐसे में आपका पीपली के चूर्ण या पीपली के पाउडर का खाने में मिलाकर सेवन करने से लाभ होगा। आप पीपली के काढ़े का भी सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।

4. एनीमिया की बीमारी में कारगर

अगर आप शरीर में रक्त की कमी से पीड़ित है, तो ऐसे में बेहद ही कम मात्रा में रोजाना पीपली चूर्ण का शहद के साथ सेवन करना लाभदायक होगा। साथ ही रक्त को साफ करने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं।

5. शरीर को डिटॉक्सीफाई करती है

पीपली में एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसकी वजह से शरीर में जमा कफ, वायु और पित्त से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। पीपली चूर्ण का सप्ताह में 2-3 बार शहद के साथ सेवन करने या भोजन में उपयोग करने से लाभ मिलता है।

6. तंत्रिका तंत्र के विकारों को कम करता है

अगर आप बार-बार तनाव और चिंता, डर की समस्या महसूस करते हैं, तो ऐसे में आपका पीपली चूर्ण का वच चूर्ण को गर्म पानी या गर्म दूध के साथ समान मात्रा में सेवन करने से मस्तिष्क शांत होता है और तंत्रिका तंत्र से जुड़े विकारों को खत्म करने में मदद करती है।

7. पेट की तिल्ली (प्लीहा) की समस्या में असरदार

अगर आप प्लीहा यानि पेट की तिल्ली के छोटे आकार से पीड़ित हैं, तो ऐसे में पीपली पाउडर को गर्म दूध के साथ 11 या 21 दिन तक सेवन करने से लाभ होता है। इसके अलावा लीवर की सूजन में भी पीपली के चूर्ण का उपयोग करना लाभदायक होता है।

8. नपुंसकता में फायदेमंद

पीपली को गाय के घी में तलें और फिर उसे चीनी, शहद या गाय के दूध में पीसकर मिलाएं, भोजन से 10 मिनट पहले या 10 मिनट बाद सेवन करें। इससे नपुंसकता के अलावा शीघ्रपतन की समस्या में भी लाभ मिलेगा।

9. पीरियड्स में लाभकारी

पीपली का काढ़ा बनाकर या पीपली चूर्ण का गर्म पानी के साथ सेवन करने से महिलाओं को हर महीने होने वाली पीरियड्स की वजह से होने वाले पेट, कमर दर्द से राहत मिलती है।

10. मलेरिया और खांसी में असरदार

पीपली की तासीर गर्म होती हैं, ऐसे में रोजाना बेहद कम मात्रा में शहद के साथ पीपली चूर्ण का सेवन करने से खांसी, जुकाम के अलावा मलेरिया से भी निजात मिलती है। आप इस उपाय को सप्ताह में कम से कम 3-4 बार करें।


पिप्पली के नुकसान Long Pepper Side Effects

  • गर्भावास्था और स्तनपान के दौरान पिप्पली का सेवन करने से बचना चाहिए। अगर किसी वजह से आपको पिप्पली का सेवन करना पड़े तो डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • बेहद छोटे बच्चों को पिप्पली के सेवन से दूर रखें। जबकि 3-10 साल के बच्चों को दूध या घी में घिस कर पिप्पली का सेवन बेहद ही कम मात्रा में करवाएं।
  • पिप्पली का सेवन हमेशा सर्दियों में करें, गर्मियों में सेवन करने से त्वचा में खुजली और एलर्जी की समस्या होने की आशंका बढ़ सकती है।
  • पिप्पली का लंबे समय तक सेवन करने से बचना चाहिए, इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

पिप्पली के सेवन की सही मात्रा

पिप्पली तासीर से बेहद गर्म होती है, जिसकी वजह से इसका गर्मियों में सेवन करना लगभग पूरी तरह से निषेध माना जाता है। सर्दियों में भी अत्याधिक मात्रा में सेवन करने से एलर्जी और खुजली जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में हमेशा बेहद कम मात्रा में भोजन में मिलाकर, शहद के साथ या काढ़े के रुप में ही पिप्पली का सेवन करना सबसे फायदेमंद रहता है।

Long Pepper Benefits


Benefits Of Long Pepper

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