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गोवा की एक स्थानीय अदालत ने अर्पोरा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी सौरभ और गौरव लूथरा को जमानत दे दी है। हालांकि, फर्जी एनओसी (NOC) मामले में पुलिस कस्टडी के कारण वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे।

Goa Nightclub Fire Case Update: गोवा की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को 'बर्च बाय रोमियो लेन' (Birch by Romeo Lane) नाइटक्लब के मालिकों, सौरभ और गौरव लूथरा को नियमित जमानत दे दी है। यह मामला पिछले साल 6 दिसंबर को उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित नाइटक्लब में लगी भीषण आग से जुड़ा है, जिसमें कम से कम 25 लोगों की जान चली गई थी। मडगांव स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

जमानत के बावजूद जेल में ही रहेंगे आरोपी
कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बावजूद लूथरा ब्रदर्स फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि मापुसा पुलिस ने सोमवार को ही दोनों भाइयों को एक अन्य मामले में अपनी हिरासत में ले लिया है। उन पर आबकारी लाइसेंस (Excise Licence) प्राप्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अन्य दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी करने का आरोप है।

अग्रिम जमानत याचिका पहले हो चुकी थी खारिज
पिछले हफ्ते, मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़े मामले में सौरभ और गौरव लूथरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने नाइटक्लब चलाने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए थे। जालसाजी का यह मामला सामने आने के बाद मापुसा पुलिस ने कोलवाले सेंट्रल जेल से उनकी कस्टडी ली, जहाँ वे पहले से ही अग्निकांड मामले में बंद थे।

क्या था पूरा मामला?
6 दिसंबर 2025 को अर्पोरा गांव के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में लगी आग ने पूरे देश को दहला दिया था। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद आरोपी भाई थाईलैंड भाग गए थे, जिन्हें बाद में वहां से डिपोर्ट कर गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में, अंजुना पुलिस अग्निकांड की जांच कर रही है, जबकि मापुसा पुलिस धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले की जांच में जुटी है।

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