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Health Tips: जोड़ों के दर्द से हैं परेशान, राहत के लिए फॉलो करें ये आयुर्वेदिक उपाए

Health Tips: जोड़ों के दर्द (Joint Pain) को पहले बुजुर्गों की समस्या माना जाता था। लेकिन जोड़ों का दर्द अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रहा, बल्कि अब ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। ये दर्द कैल्शियम (Calcium) और विटामिन डी (Vitamin D) की कमी के अलावा ठहरे हुए लाइफस्टाइल (Sedentary Lifestyle) और अनुचित खान-पान (Improper Diet) के कारण होता है।

Health Tips: जोड़ों के दर्द से हैं परेशान, राहत के लिए फॉलो करें ये आयुर्वेदिक उपाए
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Health Tips: जोड़ों के दर्द (Joint Pain) को पहले बुजुर्गों की समस्या माना जाता था। लेकिन जोड़ों का दर्द अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रहा, बल्कि अब ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। ये दर्द कैल्शियम (Calcium) और विटामिन डी (Vitamin D) की कमी के अलावा ठहरे हुए लाइफस्टाइल (Sedentary Lifestyle) और अनुचित खान-पान (Improper Diet) के कारण होता है। हर प्रकार की गठिया (Arthritis) के मरीजो में जॉइन्ट पेन या जोड़ों का दर्द काफी आम है। अपनी इस स्टोरी में हम आपके लिए लेकर आएं हैं कुछ आयुर्वेदिक टिप्स (Ayurvedic Tips) जिन्हें फॉलो करके आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं...

खट्टे और अधिक नमक वाले खाने से करें परहेज

जोड़ों के दर्द में खट्टे, नमकीन, तले हुए और फर्मेंटेड फूड से हर कीमत पर परहेज करें। अधिक नमक आपके जोड़ों में जलन पैदा कर सकता है और इससे सूजन पैदा होती है। कम से कम संभव मात्रा में अपने भोजन में नमक जोड़ना सबसे अच्छा है। इसके अलावा तले हुए और पैक्ड खाने की चीजों में ट्रांस फैट होता है, जो इंफ्लेमेशन का कारण बन सकता है और जोड़ों के दर्द को ट्रिगर कर सकता है।

वात बढ़ाने वाले आहार-विहार से बचें

हमारे द्वारा खाए गए खाने का सीधा प्रभाव हमारे शरीर पर होता है। अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो वात बढ़ाने वाले आहार और विहार से दूर रहें। वात बढ़ाने वाले आहार में सूखा और बासी भोजन शामिल है, जबकि इसमें विहार का मतलब ज्यादा व्यायाम, स्ट्रेस वाला लाइफस्टाइल और देर तक जगना है।

हेल्दी फैट को डाइट में शामिल करें

फैट के नाम से हमारे दिमाग में एक ही चीज आती है कि ये हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जबकि फैट हेल्दी और अनहेल्दी दोनों ही प्रकार के होते हैं और अन्य खनिजों की तरह ही हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं। जोड़ों के दर्द में आप हेल्दी फैट का सेवन कर इसे कम कर सकते हैं। हेल्दी फैट में घी, तिल का तेल और जैतून का तेल शामिल है, इसलिए खाना बनाते समय इनका उपयोग करने से आपको काफी हद तक राहत मिल सकती है।

अभ्यंग मालिश

रूमेटाइड अर्थराइटिस को छोड़कर बाकि सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के लिए अभ्यंग मालिस काफी लाभदायक है। तिल, सरसों, अरंडी कुछ ऐसे तेल हैं जो रसोई में आसानी से उपलब्ध होते हैं जिन्हें दर्द से राहत के लिए जोड़ों पर लगाया जा सकता है। महानारायण तैला, निर्गुंडी तैल, कोट्टमचुक्कड़ी तैलम, सहचारदी तैलम, धनवंतरम तैलम, आदि कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तेल हैं जिससे मालिश कर आप जोड़ों के दर्द को कम कर सकते हैं।

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां

जोड़ों के दर्द में कुछ आयुर्वेदिक जड़ूी-बूटियां काफी कारगर होती हैं। शालाकी, अश्वगंधा, निर्गुंडी, रसना, हरिद्रा (हल्दी), शुंथि (अदरक), जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी आपको दर्द से राहत दे सकती हैं।

Note: यहां दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। इन्हें फॉलो करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह अवश्य ले लें।

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