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Interview: क्यों रुसलान मुमताज के लिए उनकी फैमिली फर्स्ट है बाकी सब बाद में

हाल ही में सीरियल ‘मैं मायके चली जाऊंगी’ में रुसलान मुमताज की एंट्री हुई है। क्या सीरियल में उनकी एंट्री पहले से तय थी या एकाएक हुई? जिस तरह सीरियल में उनका किरदार ध्रुव और उसका दोस्त समर एक ही लड़की से प्यार करते हैं, अगर रियल लाइफ में रुसलान को ऐसी सिचुएशन को फेस करना पड़े तो वह क्या करेंगे? अपने कैरेक्टर ध्रुव से वह कितना रिलेट करते हैं? बातचीत रुसलान मुमताज से।

Interview: क्यों रुसलान मुमताज के लिए उनकी फैमिली फर्स्ट है बाकी सब बाद में

रुसलान मुमताज का नाम उन एक्टर्स की लिस्ट में है, जिन्होंने पहले बॉलीवुड में डेब्यू किया, उसके बाद छोटे पर्दे पर आए। रुसलान ने फिल्म ‘एमपी 3 : मेरा पहला पहला प्यार’ से बॉलीवुड में एंट्री की, इसके बाद कुछ और फिल्में करने के बाद सीरियल ‘कहता है दिल जी ले जरा’ से उन्होंने छोटे पर्दे पर कदम रखा। बाद में उन्होंने ‘एनकाउंटर’ और ‘ये है आशिकी’, ‘बालिका वधु’ और ‘एक विवाह ऐसा भी’ जैसे सीरियलों में काम किया। पिछले दिनों रुसलान मुमताज की एंट्री सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के सीरियल ‘मैं मायके चली जाऊंगी’ में हुई है। सीरियल से जुड़ी बातचीत रुसलान मुमताज से।

सीरियल ‘मैं मायके चली जाऊंगी’ में क्या पहले से आपकी एंट्री तय थी?

जी नहीं, मेरी एंट्री अचानक से हुई है। मैं तो अपनी पत्नी निराली के साथ मालदीव घूमने जा रहा था, अचानक मुझे सीरियल के मेकर धीरज जी ने ध्रुव के किरदार के लिए अप्रोच किया। दरअसल, इससे पहले भी धीरज जी ने मुझे सीरियल ‘थपकी प्यार की’ के लिए अप्रोच किया था लेकिन उस समय मैं दूसरे सीरियल को लेकर कमिटेड था, इस वजह से वह सीरियल नहीं कर पाया। मैं दूसरी बार फिर से उन्हें ना नहीं कहना चाहता था, फिर मुझे सीरियल की कहानी भी अच्छी लगी तो मैंने मालदीव के टिकट्स कैंसल करा दिए और सीरियल के लिए शूटिंग शुरू कर दी।

आपके किरदार ध्रुव और रुसलान में क्या सिमिलैरिटीज हैं?

ध्रुव एंबिशियस है, मैं भी एंबिशियस हूं। वो फैमिली को साथ लेकर सक्सेसफुल होना चाहता है, फैमिली को छोड़कर या नजरअंदाज कर कोई काम नहीं करना चाहता। मैं भी ऐसा ही हूं। मैं सक्सेस चाहता हूं लेकिन अपने फैमिली को साथ लेकर। अगर कोई मुझे अच्छा प्रोजेक्ट दे लेकिन साथ में फैमिली को छोड़ने या उनसे दूर जाने की शर्त रखे तो मैं बिना सोचे-समझे तुरंत मना कर दूंगा, क्योंकि मेरे लिए मेरी फैमिली फर्स्ट है। इसके साथ ही ध्रुव सबको बहुत रेस्पेक्ट देता है, वो जितना रेस्पेक्ट अपने ड्राइवर को देता है, उतना ही रेस्पेक्ट अपने बिजनेस पार्टनर को देता है। मेरी भी कोशिश होती है कि मैं छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी को रेस्पेक्ट दूं।

सीरियल में दिखाया जा रहा है कि ध्रुव की शादी अब जया से होने वाली है, जबकि सीरियल के लीड कैरेक्टर जया और समर हैं, क्या दर्शक इस चेंज को एक्सेप्ट करेंगे?

इसका जवाब तो मुझे भी अभी तक नहीं पता। मुझे लगता है, जो क्रिएटिव टीम है, उन्होंने भी अभी तक इतना बड़ा डिसीजन नहीं लिया होगा। एक ऐसा सीरियल, जहां अचानक से एक नए कैरेक्टर की एंट्री होती है और सीरियल के लीड जोड़े पहले से हिट हैं या उन्हीं की प्रेम कहानी पर सीरियल बेस्ड है तो ऐसे में किसी दूसरे किरदार से फीमेल लीड की शादी करवाना बहुत बड़ा डिसीजन होगा। लेकिन क्या पता इसे दर्शक एक्सेप्ट करें या ना करें।

सीरियल में ध्रुव और उसका फ्रेंड समर एक ही लड़की को चाहते हैं। अगर असल जिंदगी में आपके साथ ऐसा होता तो आप क्या करते?

अगर मैं और मेरा कोई दोस्त, एक ही लड़की को पसंद करते, तो सबसे पहले मैं अपने दिल की बात अपने दोस्त को बता देता। अगर वो भी मुझसे अपने दिल की बात कहता, तब मैं यह देखता कि हम दोनों में से उस लड़की को कौन ज्यादा चाहता है। क्या मेरे दोस्त का प्यार सच्चा है। अगर इसका जवाब हां रहता तो मैं उस लड़की को उसके लिए छोड़ देता। लेकिन मुझे उस पर जरा भी शक होता कि वो प्यार का नाटक कर रहा है या लड़की को परेशान कर रहा है तो मैं लड़की के साथ मिलकर उसके खिलाफ स्टैंड लेता।

सीरियल में जब जया और समर, साथ-साथ थे तो जया बार-बार मायके चली जाती थी। अगर असल में आपकी पत्नी भी आपको मायके जाने की धमकी दे तो आप क्या करेंगे?

यह सच है कि सीरियल में जया बार-बार मायके चली जाऊंगी कहती है लेकिन असल जिंदगी में मेरी पत्नी निराली तो यह कहती है कि (हंसते हुए) मैं मायके नहीं जाऊंगी। बल्कि मैं सामने से उसे कहता हूं कि अपने मायके क्यों नहीं जाती, क्या तुम्हें अपने पैरेंट्स की याद नहीं आती, तो वो मुस्कुराकर कहती है, ‘नहीं, मुझे तुम्हारा साथ ज्यादा अच्छा लगता है।’ अगर वो कभी मायके जाती भी है तो साथ में मुझे भी ले जाती है।

मेरी नजर में आइडियल मैन

मैं यह तो नहीं बता सकता कि एक आइडियल मैन की क्या डेफिनेशन होती है लेकिन अपने बारे में इतना जरूर कहूंगा कि मैं एक अच्छा इंसान बनने की हमेशा कोशिश करता हूं। महिलाएं बहुत ही सेंसिटिव होती हैं, अच्छा कहोगे तो सारा प्यार लुटा देती हैं, कुछ गलत कहोगे तो आपके खिलाफ हो जाती हैं। इसलिए मैं कभी किसी महिला को डिसरेस्पेक्ट नहीं करता बल्कि मेरी कोशिश हमेशा ऐसा इंसान बनने की होती है कि जिसे देखकर एक मां कहे कि मेरा बेटा ऐसा होना चाहिए। बहन कहे, मेरा भाई ऐसा होना चाहिए। लड़की कहे कि मेरा पति ऐसा होना चाहिए।

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