13 February 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज के दिन फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जो दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
तिथि व पक्ष
- तिथि: एकादशी दोपहर 02:25 बजे तक
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- वार: शुक्रवार
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः 07:01 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:11 बजे
चंद्रमा से जुड़े समय
- चंद्रोदय: 14 फरवरी प्रातः 04:53 बजे
- चंद्रास्त: दोपहर 02:11 बजे
नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र: मूल नक्षत्र सायं 04:12 बजे तक
- योग: वज्र योग 14 फरवरी प्रातः 03:23 बजे तक
- करण: बालव करण दोपहर 02:25 बजे तक, कौलव करण 14 फरवरी प्रातः 03:17 बजे तक
हिन्दू पंचांग विवरण
- शक संवत: 1947 विश्वावसु
- विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त
- गुजराती संवत: 2082 पिंगल
- चंद्रमास: फाल्गुन (पूर्णिमांत), माघ (अमांत)
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:19 बजे से 06:10 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:14 बजे से 12:59 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 बजे से 03:12 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:08 बजे से 06:34 बजे तक
- अमृत काल: प्रातः 09:08 बजे से 10:54 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 14 फरवरी रात्रि 12:10 बजे से 01:02 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: प्रातः 11:13 बजे से 12:36 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 03:23 बजे से 04:47 बजे तक
- गुलिक काल: प्रातः 08:25 बजे से 09:49 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: प्रातः 09:16 बजे से 10:00 बजे तक, दोपहर 12:59 बजे से 01:43 बजे तक
विजया एकादशी का महत्व
विजया एकादशी का व्रत विशेष रूप से सफलता और विजय प्राप्ति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को विधि-विधान से करने पर व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी मार्ग मिल जाता है। भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
13 फरवरी 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एकादशी व्रत, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति मिलकर आज के दिन को पूजा-पाठ और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल बनाते हैं। यदि आप कोई नया कार्य प्रारंभ करना चाहते हैं तो शुभ समय का ध्यान रखें और अशुभ काल से बचें।









