PMO: दशकों से देश की सत्ता का केंद्र रहे साउथ ब्लॉक से अब प्रधानमंत्री कार्यालय का सफर खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी आज यहां आखिरी केंद्रीय कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसके तुरंत बाद PMO नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो जाएगा।
ब्रिटिश काल में आर्किटेक्ट ‘हर्बर्ट बेकर’ द्वारा डिजाइन की गई यह ऐतिहासिक इमारत आजादी के बाद से बड़े राष्ट्रीय फैसलों की गवाह रही है। अब इसे राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने की योजना है, जबकि नया परिसर जन-केंद्रित शासन की सोच के साथ काम करेगा।
साउथ ब्लॉक में आज आखिरी बैठक
शुक्रवार शाम 4 बजे साउथ ब्लॉक में विशेष कैबिनेट बैठक होगी। आजादी के बाद से यही से देश के बड़े फैसले लिए जाते रहे हैं। नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे अहम निर्णय भी इसी इमारत से हुए। अब नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली कर इन्हें राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने की योजना है।
सेवा तीर्थ का उद्घाटन
पीएम मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वे सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। यह नया परिसर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यहां PMO के साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय भी होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है 'सेवा तीर्थ'
सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फीट में बना है। इसे एल एंड टी कंपनी ने 1189 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। यहां तीन इमारतें हैं सेवा तीर्थ-1, 2 और 3।
सेवा तीर्थ-1 में PMO, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का कार्यालय होगा।
यह परिसर डिजिटल सुविधाओं, केंद्रीकृत रिसेप्शन और जन-संपर्क क्षेत्र से लैस है। साथ ही इसमें कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान खास तौर पर रखा गया है।
नए दौर की शुरुआत
साउथ ब्लॉक लंबे समय तक देश की सत्ता का केंद्र रहा। अब ‘सेवा तीर्थ’ के साथ एक नए प्रशासनिक युग की शुरुआत हो रही है। सरकार का कहना है कि इससे कामकाज अधिक तेज, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनेगा।











