KGMU धर्मांतरण केस: फरार डॉक्टर पर गिरफ्तारी की तलवार, समर्पण न करने पर कुर्क होगी संपत्ति

लगातार फरार रहने के कारण पुलिस अब उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं ताकि जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

Updated On 2026-01-02 12:19:00 IST

मामला दर्ज होने के बाद से ही डॉक्टर पुलिस के साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहा है।

लखनऊ : किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में धर्मांतरण के खेल का खुलासा होने के बाद आरोपी डॉक्टर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस द्वारा कई बार समन भेजे जाने के बावजूद आरोपी डॉक्टर जांच में शामिल होने के बजाय फरार चल रहा है।

अब लखनऊ पुलिस ने अदालत के माध्यम से डॉक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल कर लिया है, जिससे उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, प्रशासन ने फरार डॉक्टर को आखिरी चेतावनी देते हुए कुर्की की तैयारी भी शुरू कर दी है।

पुलिस की रडार पर फरार आरोपी डॉक्टर

KGMU में कार्यरत रहे आरोपी डॉक्टर पर आरोप है कि उसने संस्थान के भीतर धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया और अन्य लोगों पर धर्मांतरण के लिए अनुचित दबाव बनाया।

मामला दर्ज होने के बाद से ही डॉक्टर पुलिस के साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहा है। पुलिस की कई टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

अब गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद, पुलिस उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है।

कोर्ट का सख्त रुख और NBW जारी

जांच अधिकारी ने अदालत में दलील दी कि आरोपी डॉक्टर जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बच रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।

अदालत ने मामले की गंभीरता और डॉक्टर के फरार होने के व्यवहार को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया और गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए।

इसका अर्थ यह है कि अब पुलिस आरोपी को बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं से भी गिरफ्तार कर सकती है और उसे जमानत के लिए सीधे कोर्ट की शरण लेनी होगी।

कुर्की की कार्रवाई और 82-83 की प्रक्रिया

यदि आरोपी डॉक्टर अगले कुछ दिनों में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो पुलिस धारा 82 के तहत मुनादी कराएगी।

इसके बाद भी हाजिर न होने पर धारा 83 के अंतर्गत संपत्ति की कुर्की की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर के घर और अन्य संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि कानूनी रूप से उनकी जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके। यह कदम आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

KGMU प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस मामले ने मेडिकल यूनिवर्सिटी के भीतर की सुरक्षा और अनुशासन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। संस्थान के भीतर ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं, इसकी आंतरिक जांच भी जारी है।

प्रशासन इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या इस नेटवर्क में कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल हैं। फिलहाल, इस कार्रवाई ने पूरे चिकित्सा जगत में हलचल पैदा कर दी है और पुलिस जल्द से जल्द मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने की कोशिश में जुटी है।

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