IMD Weather Alert in January: 2026 की ठिठुरती शुरुआत! घने कोहरे की चादर में लिपटा उत्तर भारत, बारिश बढ़ाएगी मुश्किलें

1 जनवरी 2026 को पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

Updated On 2026-01-01 07:30:00 IST

3 जनवरी से 5 जनवरी के बीच उत्तर भारत में एक और तीव्र शीतलहर चलने की संभावना है।

नई दिल्ली : आज यानी 1 जनवरी 2026 को पूरे भारत में नए साल का स्वागत कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और बारिश की आहट के साथ हुआ है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में जहां कोहरे ने रफ्तार थाम दी है, वहीं पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और शीतलहर की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-NCR में बारिश का अलर्ट और प्रदूषण की स्थिति

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में साल के पहले दिन बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग ने 1 जनवरी को दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है।

न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे सुबह के वक्त भारी गलन महसूस की जा रही है। बारिश होने की स्थिति में दिल्ली के 'बेहद खराब' एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार होने की उम्मीद है, क्योंकि पानी की बूंदें हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठा देंगी।

उत्तर प्रदेश में ठंड का रिकॉर्ड और कानपुर की हालत

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिले इस समय शीतलहर की चपेट में हैं। कानपुर राज्य का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है, जहां पारा गिरकर 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। घने कोहरे के कारण राज्य के एक्सप्रेसवे और हाईवे पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर मंडल सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिससे आने वाले दिनों में सर्दी और भी भयावह रूप ले सकती है।

पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी राज्यों का हाल

हिमालयी क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में नए साल पर भारी बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी है। इसका सीधा असर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मौसम पर पड़ रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई है। राजस्थान के जयपुर और बीकानेर जैसे शहरों में भी बादलों ने डेरा डाल रखा है और शीतलहर की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

कोहरे का कहर और यातायात पर व्यापक असर

पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में घने से 'बेहद घने' कोहरे ने विमान सेवाओं और ट्रेनों के परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिल्ली एयरपोर्ट और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हवाई अड्डों पर विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है या उन्हें डायवर्ट करना पड़ा है।

लंबी दूरी की दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले दो दिनों तक बेहद जरूरी होने पर ही सुबह के समय लंबी यात्रा करें।

आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी

1 जनवरी के बाद भी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 3 जनवरी से 5 जनवरी के बीच उत्तर भारत में एक और तीव्र शीतलहर चलने की संभावना है।

इस दौरान न्यूनतम तापमान में और 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु और केरल में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ सुबह के वक्त मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।


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